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महिलाओं की आय बढ़ाने और कृषि आधारित आजीविका को सशक्त बनाने हेतु राजीविका, प्रदान की साझा पहल

महिलाओं की आय बढ़ाने और कृषि आधारित आजीविका को सशक्त बनाने हेतु राजीविका, प्रदान की साझा पहल

जयपुर। राजस्थान में ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने और कृषि आधारित आजीविका को मजबूत करने के उद्देश्य से राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) और गैर-सरकारी संस्था प्रदान (PRADAN) की साझा पहल के अंतर्गत बुधवार को जयपुर में एक राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के पूर्व अतिरिक्त सचिव चरणजीत सिंह तथा राजीविका की राज्य मिशन निदेशक नेहा गिरि ने किया। इस पहल के तहत प्रारंभिक चरण में प्रदेश के आठ जिलों के चयनित ब्लॉकों—राजगढ़ (अलवर), जोथरी व सीमलवाड़ा (डूंगरपुर), बाली (पाली), सुहागपुरा (प्रतापगढ़), झालरा, लसाड़िया, सलूंबर व जैसमंद (सलूंबर), आबू रोड, पिंडवाड़ा, रेवदर व शिवगंज (सिरोही), खमनोर (राजसमंद) तथा गोगुन्दा, सायरा, भिंडर व कुराबड़ (उदयपुर) में इस पहल को क्रियान्वित किया जाएगा। राजीविका और प्रदान के सहयोग से राज्य में कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों को सुदृढ़ किया जाएगा तथा महिला स्वयं सहायता समूह परिवारों की आय में वृद्धि के लिए तकनीकी सहयोग, नवाचार और क्षमता निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा। इस रणनीतिक सहयोग के माध्यम से चयनित जिलों में समुदाय आधारित संगठनों को सशक्त बनाने, आजीविका गतिविधियों की गुणवत्ता सुधारने और लखपति दीदी कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन में तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। इस अवसर पर चरणजीत सिंह ने कहा कि समुदाय आधारित संगठनों की मजबूती ग्रामीण विकास और स्थायी आजीविका के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संगठित समुदाय और सशक्त महिला समूह ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकते हैं। राज्य मिशन निदेशक नेहा गिरि ने कहा कि राजीविका द्वारा प्रदेश में महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से व्यापक स्तर पर आजीविका संवर्धन के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदान की तकनीकी सहभागिता से महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और स्वयं सहायता समूह आत्मनिर्भर बनेंगे। कार्यशाला में प्रदान के प्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न आय सृजन मॉडलों पर प्रस्तुति देते हुए कृषि, पशुपालन और उद्यमिता आधारित आजीविका गतिविधियों के सफल मॉडल साझा किए गए। इस अवसर पर राजीविका के जिला परियोजना प्रबंधक, जिला प्रबंधक (आजीविका), ब्लॉक परियोजना प्रबंधक सहित पश्चिमी और दक्षिणी राजस्थान में कार्यरत विभिन्न विकास साझेदार संस्थाओं—DISHA, GRAVIS, URMUL, Centre for microFinance (CmF), सेवा मन्दिर, जन तथा उन्नति—के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और अपने अनुभवों के साथ सफल आजीविका मॉडलों को साझा किया।

 

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