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बीज, उर्वरक तथा कीटनाशकों के नमूनों की नियमित जांच से गुणवत्ता सुनिश्चित - कृषि मंत्री

बीज, उर्वरक तथा कीटनाशकों के नमूनों की नियमित जांच से गुणवत्ता सुनिश्चित - कृषि मंत्री

जयपुर। कृषि मंत्री किरोड़ी लाल ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक, बीज एवं कीटनाशक उपलब्ध कराने के लिए निरीक्षकों द्वारा समय-समय पर नमूने आहरित कर जांच कराई जाती है। नमूनों के अमानक पाए जाने पर सबंधित के विरुद्ध नियमानुसार जब्ती, एफ आई आर, विक्रय पर रोक एवं लाइसेंस निरस्त, निलम्बन आदि कार्यवाही की जाती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा कृषि आदानों के नमूनों की कुल वार्षिक विश्लेषण क्षमता वर्ष 2024-25 में 59 हजार नमूने प्रतिवर्ष को वर्ष 2025-26 में लगभग 29 प्रतिशत बढ़ाते हुए 76 हजार 250 किया गया है। कृषि मंत्री प्रश्नकाल के दौरान विधायक हरीश चौधरी द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि उर्वरक, बीज एवं कीटनाशक के अमानक पाए जाने पर एसडीआरएफ के माध्यम से तथा कम्पनी द्वारा किसानों को क्षतिपूर्ति करने का प्रावधान वर्तमान में नहीं है। इससे पहले सदस्य चौधरी के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 में माह जनवरी 2026 तक विभिन्न स्थानों पर खराब, संदेहास्पद उर्वरक, बीज एवं कीटनाशक के आहरित नमूनों में से कुल 2220 नमूने अमानक पाए गए। उन्होंने इनका विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने बताया कि उक्त्त अमानक पाए गए नमूनों के संबंध में उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985, बीज अधिनियम 1966, बीज नियंत्रण आदेश 1983, आवश्‍यक वस्‍तु अधिनियम 1955 एवं कीटनाशी अधिनियम 1968 व कीटनाशी नियम 1971 में वर्णित प्रावधानों के तहत कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, जिसमें अब तक 466 प्रकरणों में न्यायालय में वाद दायर हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 117 मामलों में एफआईआर दर्ज हो चुकी है। 33 मामलों में गिरफ्तारी, 27 मामलों में चालान, 39 में अनुज्ञा पत्र निरस्त, 215 अनुज्ञा पत्र निलम्बित तथा 128 जब्ती की कार्रवाइयां की गयी हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने हेतु विभाग द्वारा गुण नियंत्रण कार्यक्रम संचालित है। इसके अन्तर्गत निरीक्षकों द्वारा कृषि आदान विनिर्माण इकाइयों, आदान विक्रेताओं का निरीक्षण कर गुणवत्ता जांच हेतु नमूने आहरित किये जाते हैं। इन नमूनों को राज्य की अधिसूचित गुण नियंत्रण परीक्षण प्रयोगशालाओं मे विश्लेषण कराया जाता है। उन्होंने कहा कि विश्लेषण परिणामों के आधार पर संबधित अधिनियम/नियंत्रण आदेश के प्रावधान अनुसार कार्यवाही की जाती है। उन्होंने कहा कि निरीक्षणों के दौरान अनियमितता पाए जाने पर सबंधित के विरुद्ध नियमानुसार जब्ती, एफ आई आर, विक्रय पर रोक एवं लाइसेंस निरस्त, निलम्बन आदि कार्यवाही की जाती है। कृषि मंत्री ने कहा कि विभाग द्वारा फसल मौसम पूर्व विशेष गुण नियंत्रण अभियान संचालित कर गुणवत्ता नियंत्रण कार्यों को प्रभावी एवं सशक्त किया गया है।

 

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