रोडवेज के चक्के जाम हुए संचालन ठप्प करते हुए आक्रोश
सीकर। रोडवेज संयुक्त मोर्चे के संयोजक रामदेवसिंह टाकरिया ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि समय पर वेतन पैंन्शन नहीं मिलने,सेवानिवृत्त परिलाभों का भुगतान नहीं होने, बोनस/एक्सग्रैसिया,बढे हुए मंहगाई भत्ते का भुगतान नहीं होने, नई गाडियों की खरीद नहीं करने एवं रिक्त पड़े पदों पर भर्ती नहीं करने सहित 11 सूत्री मांगपत्र के समर्थन में जिस मांगपत्र पर 3 सितंबर2023 को समझौता हो चुका है लागू नहीं होने के कारण पूरे प्रदेश के रोडवेज कर्मचारियों में भारी आक्रोश बढता जा रहा है। भारत देश का प्रमुख त्योंहार दिपावली सामने होने पर भी रोडवेज कर्मचारियों को भुगतान नहीं होने से आक्रोशित कर्मचारियों द्वारा आज पूरे प्रदेश में एक घंटे का कार्यबहिष्कार का फैसला लिया गया है जिसके तहत सीकर आगार में दोपहर एक बजे से दो बजे के बीच डीपो के मुख्य निकासी द्वार पर सैंकडों कर्मचारियों ने मिलकर गेट बंद रखा तथा आमसभा का आयोजन रख कर संचालन ठप्प करते हुए आक्रोश के साथ निगम प्रशासन एवं सरकार के खिलाफ जमकर नारे बाजी की गई। आम सभा को संबोधित करते हुए प्रभुदयाल बाजिया,सांवरमल यादव,गोरुराम काजला, अशोक मील,पोखरमल कुडी, राधा देवी,चित्रा बारेठ, सरिता मील,लीला देवी, परमेश्वरी धायल,अनिता रणवां, कुम्भाराम चौधरी, महावीर पारीक,मदनमोहन माथुर, बाबूलाल जांगिड़, राजकुमार सैन,सुभाष जाडीवाल,अरविंद भूरिया, अरविंद मील ने निगम प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताते हुए दिपावली से पहले सभी तरह के भुगतान करने की मांग रखी समय रहते भुगतान नहीं होता है तो प्रदेश में हो रहे विधानसभा चुनावों में मतदान करने या नहीं करने का फैसला संयुक्त मोर्चे के नेताओं को लेना पड सकता है जो लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं हो सकता है।