पैदल चढ़ाई करके विधि विधान के साथ किया भोलेनाथ का रुद्राभिषेक
सीकर । श्रावण पुरुषोत्तम मास में हर्षनाथ पर्वत स्थित शिव मंदिर में 108 पार्थिव शिवलिंग पूजा की गई श्रद्धालुओं के साथ भगवान इंद्र ने भी शंकर भगवान का अभिषेक स्वयं आकर किया।सावन में हर्षनाथ ग्रुप के सभी सदस्यों ने हर्ष पर्वत पर पैदल चढ़ाई करके बाबा भोलेनाथ का रुद्राभिषेक पूरी विधि विधान के साथ किया। आचार्य प्रदीप जी एवम् कुलदीप जी ने भगवान भोलेनाथ का अभिषेक दूध, दही, शहद, शर्करा, घी, पंचामृत, गंगाजल, फलों के रस इत्यादि से विधि विधान से करवाया। ग्रुप के सदस्य डॉ मुकेश शर्मा ने बताया सावन के पहले रवि प्रदोष पर हर्ष पर बहुत ही मनोहर दृश्य देखने को मिला । सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओ का सुबह से ही ताता लगा हुआ देखने को मिला आए हुए सभी भक्तो ने भोलेनाथ को रिझाने के लिए 108 पार्थिव शिव लिंग बना कर बिल्व पत्र, आक पुष्प, दुर्वा दल, गुलाब पुष्प अर्पित किया। एक तरफ मंत्रो उच्चारण से भोलेनाथ की पूजा की जा रही थी वही ग्रुप के सदस्यों के माध्यम से भजन गंगा बह रही थी । प्रकृति का बहुत ही सुंदर दृश्य देखने को मिला। श्रावण में पार्थिव शिवलिंग पूजा विशेष फलदाई होती है सभी मनोकामनाएं जल्द पूरी होती है देवों के देव महादेव श्री शिव को कल्याणकारी देवता के रूप में सर्वत्र पूजा जाता है श्रावण माह में शिवलिंग की पूजा अभिषेक अनेक मनोरथ को पूर्ण करने वाली है अत: जो आत्मसिद्धि चाहता है उसे शिवलिंग की विधिवत पूजा करनी चाहिए सभी देवताओं दैत्य सिद्धगण पितर मुनि किन्नर आदि लिंगमूर्ति का अर्चन करके सिद्धि को प्राप्त हो गये है सनातन परंपरा मे पूजा के अलग-अलग फल बताए गए हैं लेकिन सभी प्रकार से शिवलिंग में पार्थिव शिवलिंग की पूजा का बहुत ज्यादा महत्व है श्रावण महीने में पार्थिव शिवलिंग पवित्र स्थान की मिट्टी को लेकर उसमें गंगाजल और घी मिलाकर बनाए जाते हैं इसके बाद शिव मंत्र बोलते हुए उस मिट्टी से शिवलिंग बना लेते हैं शिवलिंग की ऊंचाई 12 अगुल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए पार्थिव शिव पूजन से जन्म जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं अकाल मृत्यु का भय खत्म हो जाता है भोलेनाथ की असीम कृपा प्राप्ति होती है श्रावण में शिव भक्ति विशेष महत्व रखती है अत: श्रावण माह में पार्थिव शिवलिंग का पूजन बहुत ही महत्वपूर्ण बताया गया है शिव पुराण में पार्थिव शिवलिंग पूजा का महत्व बताया गया है कलयुग में कुष्मांड ऋषि के पुत्र मंडप में पार्थिव पूजन प्रारंभ किया था शिव महापुराण के अनुसार आरती पूजन से धन आरोग्य मनो कामना परिपूर्ण होती है जानकारी आचार्य प्रदीप शास्त्री ने दी। रुद्राभिषेक में आए हुए सभी भक्तो को पूजन सामग्री हर्षनाथ ग्रुप की ओर से उपलब्ध करवाई गई, ग्रुप के प्रमुख विष्णु मटोलिया ने बताया आए हुआ सभी भक्तो को महाप्रसाद वितरित किया गया।रुद्राभिषेक में विष्णु मटोलिया, प्रकाश बोचीवाल, अरविंद (गोपी) बोचिवाल, दिनेश जोशी, कैलाश लढानिया, गोपाल चोटिया ,दिनेश रूथला, राजेंद्र भाटीवाड़ा, नवनीत मिश्रा, सुभाष जांगिड़, मुरली, संतोष पंसारी, सीए लोकेश शर्मा, केसर जांगिड़, दयाल सिंह, हरीशचंद्र , विकाश अग्रवाल, विकाश सोनी, सुनील कुमावत ,अभिषेक बजाज, गिरवर सिंह, प्रताप, दीपक सोनी, श्याम कुमावत, निरंजन, सुभम शर्मा, राजेश पारीक, पवन, महेश मटोलिया (माही), सुनील शर्मा ,विजय, मदन, रामरतन जाखड़, परमेश्वर शर्मा डॉ. महेंद्र बलारा, बसंत शर्मा, हेमंत (दूजोद), शुभकरण शर्मा, पीरूसिंह, मोनू, कानसिंह, बंसीधर सैनी, जगदीश सैनी, रवि खंडेलवाल, चेतन जोशी, मनीष पारीक, दिलीप चोटिया, तरुण जांगिड़, आकाश, मोहरसिंह गोड, इत्यादि हर्षनाथ ग्रुप के सदस्य मौजूद रहे।