ग्रामीण डाक कर्मचारी बैठे हड़ताल पर, अपनी मांगों को लेकर कर रहे नारेबाजी
डीडवाना। जिले के ग्रामीण डाक कर्मचारी लगातार अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। और 12 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा चुके हैं। मुख्य डाकघर के बाहर धरना भी दिया है। अनिश्चितकालीन तौर पर और अपनी छ:सूत्री मांगों को लेकर यह धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। और लगातार ग्रामीण डाक कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन जारी है। वहीं धरने प्रदर्शन को लेकर आज एक ज्ञापन ग्रामीण डाक कर्मचारियों के द्वारा डाक विभाग अधीक्षक नागौर के नाम सोपा गया है।जिसमे बताया गया है की केन्द्रीय मुख्यालय के आहवान पर पत्र संख्या जीडीएस जेसीए 2ए ओधोगिक विवाद अधिनियम 1947 की धारा 22 की उपधारा एक के प्रावधानों के अनुसार सभी ग्रामीण डाक सेवक 12 दिसंबर से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर है ।वही आगे अपनी 6 सूत्री मांगे भी इस ज्ञापन के माध्यम से रखी गई है।जिसमे बताया गया की 8 घन्टे की ड्यूटी के साथ हमें परमानेंट स्टेटस प्रदान किया जाए।नियमित कर्मचारियों के समान टीआरसीए को समयबद्ध 12,24,36 वर्ष का लाभ कमलेश चन्द्र कमेटी की सिफारिश के अनुसार दिया जाए। सामूहिक बिमा कवरेज 5 लाख रुपया करना। जीडीएस ग्रेज्युटी 5 लाख रुपया करना।180 दिनों का अवकाश प्रदान करना।जीडीएस को केन्द्रीय कर्मचारियों के समान मेडिकल सुविधाए प्रदान करना सहित छः सूत्री मांगों का ज्ञापन सोपा है और लगातार पिछले तीन दिनों से ग्रामीण डाक कर्मचारी हड़ताल पर है और लगातार उनकी हड़ताल जारी है जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाती है वहीं ग्रामीण डाक कर्मचारियों का कहना है जिस तरह एक विधायक और सांसद को एक बार सांसद विधायक बनने पर भी आजीवन के लिए पेंशन दी जाती है। तो हम कर्मचारी हैं हम तो पूरे दिन धूप में जलते रहते हैं और जनता तक उनकी डाक पहुंचाते हैं तो हमें भी हमारा अधिकार मिलना चाहिए और सरकार जल्द से जल्द हमारी यह मांगे पूर्ण करें नहीं तो यह हड़ताल अनिश्चितकाल के लिए जारी रहेगी।