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सेमीकॉन इंडिया 2026 का आगाज, चिप सेक्टर पर पीएम का फोकस

सेमीकॉन इंडिया 2026 का आगाज, चिप सेक्टर पर पीएम का फोकस

नई दिल्ली। भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को आगे बढ़ाने के लिए गुरुवार को सेमीकॉन इंडिया 2026 के पांचवें संस्करण की शुरुआत हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के यशोभूमि में तीन दिवसीय सम्मेलन और प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस साल कार्यक्रम की थीम ‘सिलिकॉन से सिस्टम तक: इकोसिस्टम का निर्माण’ रखी गई है।

उद्घाटन के मौके पर पीएम मोदी ने विश्वकर्मा जयंती का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत की सदियों पुरानी निर्माण और सृजन की परंपरा को 21वीं सदी की तकनीक और विजन से जोड़ना आत्मनिर्भर और विकसित भारत की दिशा में अहम है।

प्रधानमंत्री ने भारत के सेमीकंडक्टर सफर में हो रही प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि देश में तैयार चिप अब भारत के साथ दुनियाभर के ग्राहकों तक पहुंच रही हैं। सरकार के अनुसार, सेमीकंडक्टर क्षेत्र में मंजूर परियोजनाओं में से तीन परियोजनाओं में व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो चुका है।

पीएम ने कहा कि सेमीकंडक्टर उद्योग दूसरे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से अलग है। यहां सिर्फ फैक्ट्री लगाने से काम पूरा नहीं होता, बल्कि तकनीकी क्षमता, विशेषज्ञता और रिसर्च का मजबूत आधार तैयार करने में लंबा समय लगता है। उन्होंने भारत में फैबलेस कंपनियों के विकास और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी तैयार करने पर भी जोर दिया।

फैबलेस कंपनियां ऐसी कंपनियां होती हैं जो चिप का डिजाइन और बिक्री करती हैं, लेकिन उसके निर्माण का काम खुद करने के बजाय फाउंड्री को आउटसोर्स करती हैं। पीएम मोदी ने कहा कि कंपाउंड सेमीकंडक्टर, सिलिकॉन फोटोनिक्स और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए भारत को इसी व्यापक इकोसिस्टम को मजबूत करना होगा।

युवाओं को इस क्षेत्र से जोड़ने पर भी प्रधानमंत्री ने जोर दिया। उन्होंने बताया कि सरकार ने 1 लाख इंजीनियरिंग छात्रों को सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा है। उनके अनुसार, करीब 70 हजार युवाओं को अब तक ट्रेनिंग दी जा चुकी है। उन्होंने भारत में और विदेशों में रिसर्च कर रहे भारतीय युवाओं से देश में उन्नत तकनीक के विकास से जुड़ने की अपील की।

पीएम मोदी ने इंडस्ट्री लीडर्स से भारत में रिसर्च और डेवलपमेंट को बढ़ावा देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे उद्योग को भी फायदा होगा और देश की युवा प्रतिभा को भी नए अवसर मिलेंगे। उनके मुताबिक, दुनिया मैन्युफैक्चरिंग के लिए नई और भरोसेमंद जगहों की तलाश कर रही है और भारत इस अवसर के लिए अपनी क्षमता तैयार कर रहा है।

सेमीकंडक्टर के साथ एआई और पावर सेक्टर को भी प्रधानमंत्री ने आपस में जुड़ा हुआ बताया। उन्होंने कहा कि एआई डेटा सेंटर में बड़ी संख्या में हाई-परफॉर्मेंस प्रोसेसर एक साथ काम करते हैं, जिससे कंप्यूटिंग और बिजली की मांग बढ़ती है। इसलिए एआई के विस्तार के साथ पावर सेक्टर में निवेश की जरूरत भी बढ़ेगी।

सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, सेमीकॉन इंडिया 2026 में 600 से अधिक प्रदर्शक, 300 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय कंपनियां और 40 से अधिक देशों के प्रतिनिधिमंडल हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन 17 से 19 सितंबर तक यशोभूमि में आयोजित किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने भारत की आर्थिक प्रगति और वैश्विक स्तर पर बढ़ते भरोसे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर जैसी हाई-टेक इंडस्ट्री को भारत में विकसित करने के लिए मजबूत बुनियादी ढांचे, कुशल प्रतिभा, रिसर्च और पर्याप्त ऊर्जा आपूर्ति की जरूरत होगी।

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