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सेवा ही परमो धर्म- सचिव पुरोहत

सेवा ही परमो धर्म- सचिव पुरोहत

जैसलमेर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली व राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशों की पालना में जिला एवं सेशन न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जैसलमेर ओमी पुरोहित के निर्देशन में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ललित पुरोहित की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में अधिकार मित्रों सहित एलएडीसीएस के अधिवक्तागण ने भाग लिया। सचिव ने अधिकार मित्रों को निर्देशित किया कि वे आगामी माह में एक्शन प्लान अनुसार उचित स्थान पूर्व से ही चयन करें तथा एक्शन प्लान अनुसार विशेष दिवसों तथा विषय जिन पर शिविर आयोजित किए जाने हैं उन का खास ध्यान रखें। उन्होंने प्राधिकरण के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए पात्र व्यक्तियों को प्राधिकरण की सेवाओं से जोड़ने तथा आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत व मध्यस्थता अभियान का प्रचार - प्रसार करने के लिए निर्देश प्रदान किए। सचिव ने उपस्थितों पीएलवी को बताया कि यह माह विशेष रूप से वृद्धजनों के हितार्थ एवं विधिक सेवाओं को समर्पित है अतः वृद्धजनों के संरक्षणार्थ ‘‘माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण और कल्याण अधिनिय, 2007 बनाया है, जिसके विधिक प्रावधानों के तहत् बच्चों और कानूनी वारिसों के लिए अपने माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष या उससे अधिक) का भरण-पोषण (भोजन, आवास, वस्त्र, स्वास्थ्य सेवाएं) इत्यादि की समाज में पालना करना एवं करवाना अनिवार्य है। इस अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए यदि किसी वारिस द्वारा वरिष्ठ नागरिक के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है तो, जिले में अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) के अधीन गठित ट्रिब्यूनल में आवेदन कर अपनी संपत्ति का हस्तांतरण जरिये ट्रिब्यूनल निरस्त करवा सकते हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के तहत बुजुर्गाें की उपेक्षा करने या उन्हें बेसहारा छोड़ने वाले परिजनों के लिए दंड और कारावास का प्रावधान है। इसके अलावा उन्होंने नालसा (वरिष्ठ नागरिक विधिक सहायता) योजना, 2016 के तहत् आवश्यकता पड़ने पर निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया विस्तारपूर्वक समझाई और जरूरतमंद तक इस जानकारी को प्रसारित करने के निर्देश प्रदान किए। रालसा व नालसा की योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया तथा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए अस्पतालों में अलग कतारों, मुफ्त दवा योजना (मुख्यमंत्री निःशुल्क योजना), मुफ्त चिकित्सा योजना (मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना) और जिला स्तर पर वृद्धाश्रम की व्यवस्था की गई है। राजस्थान सरकार द्वारा वृद्धजनों के लिए ‘‘मुख्यमंत्री सामाजिक सुरक्षा वृद्धजन सम्मान पेंशन योजना’’ चलाई जा रही है, जिसके पात्र बुजुर्गाें को प्रतिमाह वित्तीय सहायता पेंशन के रूप में प्रदान की जा रही है यह जानकारी भी आमजन में प्रसारित करें। उन्होंने निःशुल्क विधिक सहायता हेल्पलाईन नंबर 15100 का प्रसार करने की अपील की। प्राधिकरण द्वारा जिला अस्पताल में लावारिस एवं त्यागे गए वृ़द्धजनों की सहायतार्थ विधिक सेवा क्लिनिक भी संचालित किया जा रहा है। सेवा ही परमोधर्मः के सिद्धांत की पालना से सेवा प्राधिकरण के उद्ेश्यों की पूर्ति के लिए प्रेरित किया।

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