भेड़ निष्क्रमण तैयारियों की समीक्षा बैठक
भेड़ निष्क्रमण के दौरान सभी अधिकारी दायित्वों का संवेदनशीलता से निर्वहन करें-संभागीय आयुक्त
संभागीय आयुक्त ने कहा कि भेड़ निष्क्रमण के दौरान सभी जिलों में अधिकारी संवेदनशीलता के साथ दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि भेड़ पालक अपनी भेड़ों को लेकर अन्य जिलों एवं समीपवर्ती राज्यों से चारे पानी की व्यवस्था के लिए निष्क्रमण पर रहते हैं। संभाग में 1 जुलाई से 31 अक्टूबर तक भेड़ निष्क्रमण कार्यक्रम संचालित होगा जिसमें कानून व्यवस्था बनाए रखना तथा भेड़ पालक परिवारों को शिक्षा, चिकित्सा एवं मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की जिम्मेदारी होगी। उन्होंने कहा कि जिलों में जिस मार्ग से भेड़ निष्क्रमण करें उनमें चेक पोस्ट बनाकर भेड़ पालकों को जिले में निर्धारित चराई स्थान व जिला प्रशासन की व्यवस्थाओं से अवगत कराएं। उन्होंने कहा कि भेड़ पालकों को निर्धारित मार्ग से आने-जाने तथा प्रतिबंधित क्षेत्रों में भेड़ों को नहीं ले जाने के लिए प्रेरित करें।
उन्होंने कहा कि निष्क्रमण के दौरान स्थाई डेरों के पास शिक्षा विभाग आवश्यकतानुसार अविकाचल विद्यालय स्थापित कर बच्चों को शिक्षा प्रदान करें। वन विभाग वन क्षेत्रों में रिजर्व स्थानों पर सूचनात्मक बोर्ड प्रदर्शित कर उन्हें प्रवेश नहीं करने के लिए सूचित करे। उन्होंने चिकित्सा विभाग को समय-समय पर चिकित्सकीय जांच करने, विद्युत निगम को निष्क्रमण के क्षेत्रों में विद्युत तारों को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जिला कलक्टर नियंत्रण कक्ष स्थापना एवं चल गस्ती दल का गठन कर सभी विभागों में समन्वय करें तथा पुलिस अधीक्षक सुरक्षात्मक दृष्टि से सभी थानों में गस्ती दल एवं आवश्यक स्थानों पर जाप्ता तैनात करें। उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग निरंतर मॉनिटरिंग कर नियंत्रण कक्षों में प्राप्त सूचनाओं का आदान-प्रदान करे। सभी भेड़ों के आवश्यकता होने पर टीकाकरण करना सुनिश्चित करें।
पुलिस महा निरीक्षक ने सभी अधिकारियों को टीम भावना के साथ कार्य करते हुए संवेदनशील, अतिसंवेदनशील स्थानों पर भेड़ निष्क्रमण के दौरान जाप्ते के साथ गस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षात्मक दृष्टि से गांवों में स्थानीय नागरिकों से टकराव की स्थिति नहीं बने, इसके लिए भेड़ पालकों को जिला प्रशासन की व्यवस्था के बारे में अवगत करवाकर पालना के लिए प्रेरित करें। उन्होंने थानेवार भेड़ निष्क्रमण क्षेत्रों को विभाजित कर गस्त करने तथा स्थाई एवं अस्थाई चेक पोस्टों पर जाप्ता तैनात करने के निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ओपी बुनकर ने जिले की व्यवस्थाओं के बारे में बताते हुए कहा कि अविकाचल विद्यालयों में शिक्षकों का ठहराव सुनिश्चित किया जाएगा। भेड़ पालकों को राशन एवं चिकित्सा सुविधा समय पर प्रदान की जाएगी। जिलेवार सभी जिला कलक्टरों द्वारा प्रशासनिक स्तर पर की जा रही तैयारियों की जानकारी तथा पुलिस अधीक्षकगण द्वारा कानून व्यवस्था के संबंध में जानकारी दी। संभाग के सभी जिलों से प्रशासनिक, पुलिस, पशुपालन, शिक्षा, चिकित्सा विभाग के अधिकारी वीसी के माध्यम से जुड़े।
चार लाख भेड़े आएंगी संभाग में-
संयुक्त निदेशक पशुपालन चम्पालाल मीणा ने बताया कि संभाग में तीन लाख भेड़ों के आगमन की संभावना है जिनमें बारां व झालावाड़ में एक-एक लाख, कोटा में 70 हजार तथा बूंदी में 30 हजार भेड़ निष्क्रमण की संभावना है। उन्होंने बताया कि 4 हजार 805 भेड़ पालक परिवार इस दौरान साथ रहेंगे। उन्होंने बताया कि पशुपालन विभाग द्वारा जिलेवार नियंत्रण कक्ष स्थापित कर दिए हैं। संभाग में 74 चेक पोस्ट की स्थापना की गई है जिनमें 16 स्थाई तथा 58 अस्थाई है। उन्होंने जिलेवार भेड़ निष्क्रमण के निर्धारित मार्ग ठहराव स्थल व विभागवार की जाने वाली तैयारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण कावेन्द्र सिंह सागर, अतिरिक्त कलक्टर शहर बृजमोहन बैरवा, अतिरिक्त संभागीय आयुक्त नरेश मालव, एएसपी मुख्यालय रामकल्याण मीणा, डीएसओ पुष्पा हरवानी, डीएफओ जयराम, डीएफओ वन्यजीव सुनील गुप्ता, डीएफओ अनुराग भटनागर, संयुक्त निदेशक स्कूल सुरेन्द्र सिंह गौड़, उप निदेशक चिकित्सा डॉ. एमपी सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। भेड़ पालकों की ओर से अध्यक्ष होतीराम देवासी एवं मेघराज रायका द्वारा भेड़ पालकों के बारे में बताया।