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शिप्रा बारेगामा को मिली शोध उपाधि

शिप्रा बारेगामा को मिली शोध उपाधि

टोंक  । सैंट सोल्जर पब्लिक स्कूल की प्राचार्य श्रीमती शिप्रा बारेगामा को जयपुर नेशनल विश्वविद्यालय द्वारा उनके शोध कार्य पूर्ण कर लेने पर ‘‘शोध उपाधि’’ प्रदान की गई। शिप्रा बारेगामा ने यह शोध कार्य जयपुर नेशनल विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ एज्युकेशन विभाग की प्रोफेसर रीता अरोड़ा के निर्देशन में ‘‘ए स्टड़ी ऑफ कॅन्टेन्ट एण्ड टेक्नो पेड़ागोजिकल कम्पीटेन्सीज ऑफ  सैकण्डरी स्कूल टीचर इन रिलेशन टू इंग्लिश एण्ड साइंस सब्जेक्ट ऑफ टोंक डिस्ट्रिक्ट’’ विषय में पूर्ण किया है। शिप्रा बारेगामा ने बताया कि सैंट सोल्जर पब्लिक स्कूल संचालित करते हुये अध्यापकों के शिक्षण कौशल विकास में पेडागोजी व तकनीकी प्रयोगों की आवश्यकता को वह स्वयं बार-बार महसूस कर रही थी ताकि कक्षाओं में शिक्षक के ज्ञान व कौशल का भरपूर प्रयोग विद्यार्थियों की योग्यता वृद्धि में किया जा सके। उनका मानना है कि यदि शिक्षक अपने ज्ञान व कौशल के साथ-साथ विविध वैज्ञानिक तकनीकों को भी कक्षा में अध्ययन-अध्यापन हेतु प्रयोग में लाये तो छात्रों की न सिर्फ  कक्षा मे रूचि बढ़ेगी बल्कि उनके ज्ञान के स्तर में भी तेजी से वृद्धि होगी। इस अवसर पर सैंट सोल्जर शिक्षा समिति के निदेशक बाबूलाल शर्मा, प्रबंध निदेशक  हितेश शर्मा, सैंट सोल्जर सीनियर सैकण्डरी स्कूल के प्राचार्य मदन गोपाल शर्मा, सैंट सोल्जर बालिका सीनियर सैकण्डरी स्कूल के प्राचार्य हेमराज सैन तथा श्रीमती मन्जु माथुर, सैंट सोल्जर महिला महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. प्रिया सक्सेना, सैंट सौल्जर महिला टीटी कॉलेज की प्राचार्य डॉ. सरोज चम्पावत, पण्डित जेपी उपाध्याय टीटी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. धीरज शर्मा, महर्षि दयानंद सरस्वती नर्सिंग कॉलेज के प्राचार्य सुधीर पारीक, सैंट सोल्जर कॉलेज ऑफ  फार्मेसी के प्राचार्य डॉ. विनोद नकड़ा तथा शिक्षा समिति के सभी गणमान्य शिक्षकगण ने इस अवसर पर शिप्रा बारेगामा को हार्दिक शुभकामनाएँ दी। सैंट सोल्जर शिक्षा समिति के निदेशक बाबूलाल शर्मा ने शिप्रा बारेगामा को अपने बधाई संदेश में कहा कि शिप्रा का शोध विषय वर्तमान शिक्षण संदर्भों में काफी प्रासंगिक है।

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