सीतारमण का ग्लोबल कंपनियों को निवेश का न्योता
नई दिल्ली। भारत में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने की कोशिशों के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने न्यूयॉर्क में कई वैश्विक कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकें कीं। सरकार की ओर से शुक्रवार को दी गई जानकारी के मुताबिक, इन मुलाकातों में भारत की आर्थिक विकास की रफ्तार और अलग-अलग क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से बातचीत हुई।
बीएनवाई मेलन के ग्रुप सीओओ एलेजांद्रो पेरेज के साथ बैठक में भारत की मजबूत आर्थिक विकास यात्रा और देश में वैश्विक वित्तीय संस्थानों के लिए मौजूद अवसरों पर चर्चा हुई। पेरेज ने भारत के प्रति कंपनी की लंबे समय से चली आ रही प्रतिबद्धता दोहराते हुए इसे अपनी वैश्विक गतिविधियों और भविष्य की विकास रणनीति के लिए महत्वपूर्ण बाजार बताया।
बीएनवाई मेलन की ओर से भारत में आईआईटी समेत प्रमुख संस्थानों के साथ सहयोग का भी उल्लेख किया गया। कंपनी का फोकस उच्च गुणवत्ता वाली प्रतिभाओं को तैयार करने और उन्हें आगे बढ़ाने पर है। बैठक में यह भी बताया गया कि भारत में कंपनी की भूमिका अब केवल डिलीवरी सेंटर तक सीमित नहीं है।
भारत तेजी से कंपनी के लिए इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उन्नत क्षमताओं के वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है। चर्चा के दौरान डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स यानी जीसीसी और गिफ्ट सिटी-आईएफएससी से जुड़े अवसर भी सामने आए।
सीतारमण ने बीएनवाई मेलन की टीम को गिफ्ट सिटी-आईएफएससी का दौरा करने का न्योता भी दिया। इसका उद्देश्य वहां उपलब्ध विभिन्न वित्तीय उत्पादों और सेवाओं की संभावनाओं को करीब से समझना है।
इससे पहले वित्त मंत्री ने टिलमैन होल्डिंग्स के चेयरमैन और सीईओ संजीव आहूजा के साथ भी बातचीत की। इस दौरान डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ाने वाली भारत की नीतियों और हालिया बजट घोषणाओं पर चर्चा हुई।
सीतारमण ने एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटल सेवाओं और एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी में भारत में तेजी से बढ़ती मांग का जिक्र किया। इन क्षेत्रों के विस्तार के साथ डेटा सेंटर, हाई-कैपेसिटी नेटवर्क और भरोसेमंद बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत भी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि टिलमैन होल्डिंग्स जैसी कंपनियों के लिए भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के अगले चरण में भागीदारी का अच्छा अवसर है।
वित्त मंत्री की एक अन्य बैठक मार्श री के सीईओ डीन क्लिसुरा और कंपनी की रणनीति एवं कॉरपोरेट डेवलपमेंट प्रमुख देवांशु ध्यानी के साथ हुई। सीतारमण ने कहा कि भारत ग्लोबल प्रोफेशनल सर्विसेज और रिस्क मैनेजमेंट कंपनियों को बड़ा घरेलू बाजार, कुशल प्रतिभा, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत डिजिटल क्षमताएं उपलब्ध करा रहा है।
मार्श री की टीम ने भारत में सुधारों पर आधारित नीतिगत दृष्टिकोण की सराहना की। कंपनी ने देश में अपनी मौजूदगी और कारोबार को आगे बढ़ाने की योजना भी साझा की। कंपनी के मुताबिक, भारत में समान अवसर वाला बाजार और मजबूत नियामक व्यवस्था मौजूद है, जिसमें आईआरडीएआई की भूमिका अहम है।
मार्श री ने गिफ्ट सिटी पर अपने बढ़ते फोकस की भी जानकारी दी। कंपनी वित्तीय इकोसिस्टम के साथ अपने उत्पादों और सेवाओं के अलग-अलग क्षेत्रों में भागीदारी बढ़ा रही है। इन बैठकों के जरिए सरकार ने वैश्विक कंपनियों को भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था और नए निवेश अवसरों से जोड़ने की दिशा में अपना रुख स्पष्ट किया है।