अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से पूर्व विशेष योग शिविर का आयोजन
दौसा . अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर किए जाने वाले सामान्य योग अभ्यासक्रम (प्रोटोकॉल )का देवनगरी दौसा मैं पूर्वाभ्यास के रूप में विशेष योग शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी चलते
रविवार को राजस्थान इंजीनियरिंग कॉलेज दोसा में विशेष शिविर का आयोजन किया गया इसमें मुख्य अतिथि डॉ सी एल मीणा विशिष्ट अतिथि जिला कोषाधिकारी रामचरण मीणा , ज्ञानचंद जैमन, शिवरतन नायला, सीताराम शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर योग शिविर का शुभारंभ किया।
योग शिविर में योग गुरु ने बताया कि आज व्यक्ति आधुनिक जीवन शैली में विभिन्न समस्याओं से ग्रस्त है तनाव अवसाद डिप्रेशन मधुमेह दिल की बीमारियां घुटनों का दर्द कमर दर्द अनिद्रा जैसी अनेक बीमारियों से ग्रस्त होकर शारीरिक मानसिक आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा है योग इन सभी बीमारियों का समाधान देते हुए मन शरीर और बुद्धि को संतुलित कर व्यक्ति के अंतर्द्वंद और तनाव को जड़ से खत्म कर आनंद शांति और स्फूर्ति देता है।
वर्तमान की आपाधापी जीवन शैली में व्यक्ति अगर योग से जुड़ जाता है तो व्यक्ति में एक नई स्फूर्ति और ऊर्जा प्राप्त होती है योग उम्र लिंग जाति पंथ धर्म और राष्ट्र के बंधन की सीमाओं से परे है योग किसी में भेद नहीं करता बल्कि यह व्यक्ति को ईश्वर से जोड़ने की बहुत बड़ी विद्या और विधि है इससे संयम और संतुलन आता है मन को शांति और धैर्यवान बनता है और विभिन्न प्रकार की समस्याओं से निकलकर ध्यान और एकाग्रता की ओर बढ़ता है निराशा और भय के बीच योग आशा शक्ति और साहस का पुंज पैदा करता है मन को शांति देता है योग संपूर्ण विश्व में सौहार्दपूर्ण शांति की भावना का निर्माण करता है।
आज के अभ्यास क्रम में ग्रीवा चालन, स्कंद संचलन कटी चालन घुटना संचालन ,ताड़ासन वृक्षासन ,पादहस्तासन, अर्ध चक्रासन, त्रिकोणासन ,भद्रासन, वज्रासन और अर्थ उष्ट्रासन, उष्ट्रासन, शशांक आसन, मंडूकासन ,,वक्रासन, मकरासन, भुजंगासन ,शलभासन, सेतुबंधासन ,उत्तानपादासन, अर्ध हलासन, पवनमुक्तासन ,,शवासन आदि आसन एवं कपालभाति, अनुलोम विलोम प्राणायाम शीतली प्राणायाम ,ब्राह्मरी प्राणायाम और ध्यान की स्थिति के अभ्यास उनसे होने वाले लाभ और सावधानियों के बारे में विस्तार से प्रातः 5:00 बजे से 7:00 बजे तक अभ्यास करायl