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ट्रेन में 4 मर्डर करने वाले जवान चेतन की कहानी

ट्रेन में 4 मर्डर करने वाले जवान चेतन की कहानी

मथुरा में 2 साल पहले बनवाया घर, ताऊ बोले-अफसर प्रताड़ित करते थे, वह सिस्टम से दुखी था


मथुरा/हाथरस .  मुंबई में जयपुर एक्सप्रेस ट्रेन में सोमवार को फायरिंग करके ASI और 3 यात्रियों की हत्या का आरोपी RPF जवान चेतन सिंह मथुरा का रहने वाला है। टेकमैन सिटी में बनी गंगा धाम कॉलोनी में घर है। जन्म रतलाम में हुआ। मूलरूप से चेतन का परिवार हाथरस का रहने वाला है। बोरीवली मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उसे 7 अगस्त तक पुलिस कस्टडी में भेजा है।

चेतन के परिवार का कहना है कि 12 साल पहले पिता की जगह चेतन को RPF में नौकरी मिली। अफसर उसका उत्पीड़न कर रहे थे, जिससे वह मानसिक तनाव में था। पहले उज्जैन, फिर बड़ौदा और अब मुंबई तबादला कर दिया था।

आखिर चेतन ने अपने सीनियर ASI समेत 3 यात्री, जिससे उसका कोई वास्ता नहीं था। उनकी हत्या क्यों की? आखिर क्या परेशानी थी। क्या वह मानसिक तौर पर कमजोर हो गया था। इन सवालों का जवाब जानने के लिए भास्कर टीम मथुरा और हाथरस उसके घर पहुंची। वहां परिवार से बात की।
चेतन का घर टेकमैन सिटी कॉलोनी में है। भास्कर रिपोर्टर यहां शनिवार शाम को पहुंचा तो सन्नाटा था। चेतन का घर कहां है? ये सवाल हमने कॉलोनी के एंट्री गेट पर मौजूद लोगों से पूछा। लेकिन जवाब नहीं मिला। कुछ देर भटकने के बाद लोगों ने इशारे से हमें चेतन का घर बता तो दिया। लेकिन साथ चलने के लिए कोई तैयार नहीं हुआ।

जैसे ही हम चेतन के घर के गेट पर पहुंचे। नॉक किया तो वहां से 2 महिलाएं बाहर निकलीं। उन्होंने बताया कि वह चेतन की सास और साली हैं। दोनों इस वारदात की सूचना के बाद आगरा से मथुरा पहुंची थीं। कैमरा देखते ही समझ गईं कि मीडिया से आए हैं। नाम पूछने पर नहीं बताया। जब चेतन की पत्नी के बारे में पूछा तो कहा-वह बीमार हैं। हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। किस हॉस्पिटल में? इस सवाल का उन्होंने जवाब नहीं दिया।

चेतन की साली से जब बात करने का प्रयास किया तो उसने बताया कि सोमवार की दोपहर में बहन (चेतन की पत्नी) का फोन आया था। कहा कि मम्मी-पापा को लेकर जल्दी आ जाओ। बहुत कुछ हो गया है। यह कहते हुए रोने लगी। पूछा- क्या हुआ तो उसने कुछ नहीं बताया। चेतन की शादी आगरा के किरावली कस्बे में हुई थी।

3 साल की एक बेटी है। करीब 2 साल पहले वह मथुरा आया और गंगा धाम कॉलोनी में 100 गज का प्लॉट लेकर घर बनवाया था। RPF सोर्स के मुताबिक, वारदात के बाद आरपीएफ की एक टीम चेतन की पत्नी को अपने साथ मुंबई ले गई है।
पड़ोसी बोले- परिवार अच्छा, कभी झगड़ा करते नहीं सुना
हमने कॉलोनी के लोगों से बात करने की कोशिश की। हमारे हाथ में मोबाइल देखते ही भड़क गए। लेकिन जब विश्वास दिलाया कि कुछ भी रिकॉर्ड नहीं किया जा रहा तब महिलाओं ने कहा कि चेतन को तो उन्होंने एक या दो बार ही देखा है। लेकिन उनकी पत्नी से मुलाकात होती रहती है। परिवार व्यवहार कुशल है। कभी कोई लड़ाई-झगडे़ जैसी बात नहीं सुनी। न ही उन्हें पसंद था। कॉलोनी के सभी लोगों के सुख-दुख में शामिल होती थीं। चेतन नौकरी के चलते ज्यादातर टाइम बाहर ही रहता था।

नाना के साथ 3 साल की बेटी को ननिहाल भेजा
आगरा से मथुरा आने के बाद जब परिवार को पूरी वारदात का पता चला तो चेतन की बेटी को उसके नाना अपने साथ घर ले गए। साली से जब पूछा कि चेतन की पत्नी ने क्या बताया तो उन्होंने केवल इतना कहा कि चेतन ने मुंबई में कुछ कर दिया है। इसके आगे कोई भी जानकारी शेयर नहीं की। घर के बाहर मोहल्ले की अन्य महिला आने पर सास और साली दोनों घर के अंदर चले गए।
'चलिए, अब आपको हाथरस में चेतन के मूलगांव लेकर चलते हैं...
चेतन का पैतृक गांव चंदपा क्षेत्र का गांव मिताई है। घटना की जानकारी जैसे ही उसके परिवार के सदस्यों को मिली तो सभी हतप्रभ रह गए। गांव में‌ ताऊ भगवान सिंह ने चेतन की इस हरकत को गलत बताया। ताऊ ने बताया कि चेतन लंबे समय से अपने पैतृक गांव नहीं आया है। हालांकि, वारदात के बाद हाथरस जंक्शन से आरपीएफ प्रभारी उनके घर पर पहुंचे। वहां परिवार और चेतन से जुड़ी पूछताछ की।

12 साल पहले पिता की जगह मिली थी नौकरी
चेतन के ताऊ भगवान सिंह ने बताया कि चेतन को करीब 12 साल पहले पिता की जगह नौकरी मिली थी। उन्होंने कहा कि चेतन अक्सर शिकायत करता था कि अधिकारी उसका मानसिक उत्पीड़न कर रहे हैं। कई बार अलग-अलग स्थानों पर तबादला भी कर दिया। पहले उज्जैन फिर बड़ौदा और अब मुंबई तबादला कर दिया। वह सिस्टम से दुखी था। फायरिंग में मारे एएसआई से भी उसका विवाद चल रहा था।
पत्नी से नहीं था कोई विवाद
भगवान सिंह ने बताया कि चेतन और उसकी पत्नी के बीच में कोई विवाद नहीं है। चेतन का जन्म रतलाम में हुआ। बाहर ही उसकी पढ़ाई हुई। वह मानसिक रूप से भी अस्वस्थ चल रहा है। उसका इलाज चल रहा था। भगवान सिंह ने आरपीएफ के अफसरों पर भी सवाल उठाए कि जो व्यक्ति मानसिक रूप से स्वस्थ न हो उसे हथियार कैसे दे दिया गया?

आरोपी गुस्सैल और मानसिक रूप से अस्थिर
पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी कॉन्स्टेबल गुस्सैल और मानसिक रूप से अस्थिर है। कॉन्सटेबल ने मुस्लिमों को लेकर कोई कमेंट किया था, इसका ASI ने विरोध किया। इसी बात पर आरोपी ने उसे गोली मार दी। इसके बाद तीन यात्रियों की भी हत्या कर दी। वीडियो में सुनाई दे रहा है कि आरोपी कॉन्स्टेबल मुस्लिमों और पाकिस्तान को लेकर कई अपशब्द कह रहा है।

ऐसी घटनाओं पर क्या कहते हैं मनोचिकित्सक?
इस पूरी घटना पर KGMU के मनोचिकित्सक डॉ.आदर्श त्रिपाठी कहते हैं हर किसी का स्वभाव औरों से अलग होता है। अलग-अलग परिस्थितियों में हर आदमी का बर्ताव अलग रहता हैं। इस मामले में एग्रेशन और वायलेंस को एक्सट्रीम सिचुएशन दिख रही है। आरोपी गुस्सैल और मानसिक रूप से अस्थिर है। किन समस्याओं से घिरा था। क्या कुछ इलाज ले रहा था। इसे देखा जाना चाहिए।

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