पंचायत चुनाव में चौंकाने वाले नतीजे : पद्मश्री विजेता हारे, महंत बने सरपंच
जयपुर। राजस्थान के पंचायत चुनावों में इस बार कई ऐसे नतीजे सामने आए हैं, जिन्होंने गांवों की सियासत में चर्चाओं को जन्म दे दिया है। कहीं पद्मश्री से सम्मानित प्रत्याशी चुनाव हार गए, तो कहीं मठ के महंत ने सरपंच पद पर जीत हासिल की। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में फॉलोअर्स रखने वाले चर्चित चेहरों का प्रभाव भी मतपेटियों में नजर नहीं आया।
शुक्रवार देर रात तक चली मतगणना के बाद शनिवार को प्रदेश की 3,625 ग्राम पंचायतों में उपसरपंच पद के लिए मतदान कराया जा रहा है। इस बीच सरपंच चुनाव के परिणामों में कई दिलचस्प मुकाबले और कुछ विवाद भी सामने आए।
पिपलांत्री में पद्मश्री विजेता को मिली हार
राजसमंद जिले की पिपलांत्री ग्राम पंचायत में पद्मश्री सम्मान प्राप्त श्यामसुंदर पालीवाल सरपंच का चुनाव नहीं जीत सके। उन्हें वर्ष 2021 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। इस चुनाव में नवीन पालीवाल ने 1,348 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। श्यामसुंदर पालीवाल 492 वोट के अंतर से पीछे रह गए।
करोड़ों फॉलोअर्स का भी नहीं दिखा असर
भीलवाड़ा जिले की शाहपुरा पंचायत समिति के फूलिया खुर्द में सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर पवन साहू की पत्नी कोमल साहू को हार का सामना करना पड़ा। वह 277 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रहीं। पवन साहू के इंस्टाग्राम पर करीब 70 लाख फॉलोअर्स और यूट्यूब पर 2.7 करोड़ सब्सक्राइबर्स बताए जाते हैं।
इस पंचायत में भगवतीलाल सोनी ने 1,203 वोट लेकर जीत हासिल की, जबकि पूर्व सरपंच कालूराम जाट को 797 वोट मिले। नतीजे ने यह साफ कर दिया कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता का चुनावी समर्थन में बदलना जरूरी नहीं है।
पूर्व मंत्री की पत्नी भी चुनाव हारीं
जोधपुर जिले की ओसियां पंचायत समिति की खेतासर ग्राम पंचायत में पूर्व मंत्री शंभू सिंह खेतासर की पत्नी बदन कंवर को हार मिली। उन्हें हीरा देवी प्रजापत ने 173 वोट से पराजित किया। हीरा देवी को 885, जबकि बदन कंवर को 712 वोट मिले। बदन कंवर पहले प्रधान भी रह चुकी हैं।
वहीं, जोधपुर जिले की उम्मेद नगर पंचायत समिति की खारड़ा मेवासा ग्राम पंचायत में मेवासा मठ के महंत संत गिरी ने सरपंच पद पर जीत दर्ज की। उन्हें 1,580 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी रामदेव को 1,070 वोट हासिल हुए।
‘हिम्मता बा’ को तीसरा स्थान
जोधपुर जिले की बावड़ी पंचायत समिति के लवेरा कलां गांव में सोशल मीडिया पर ‘हिम्मता बा’ के नाम से पहचाने जाने वाले हिम्मताराम सरपंच का चुनाव तीसरे स्थान पर रहे। उन्हें 450 वोट मिले। यहां गणपत राम ने 1,264 वोट लेकर जीत हासिल की, जबकि सुरेंद्र पाल सिंह 1,155 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे।
मतगणना के दौरान अधिकारी की मौत
कोटा जिले की कूकड़ा खुर्द ग्राम पंचायत में मतगणना के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर सुरेश मीणा की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। रिपोर्ट के अनुसार, मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया है। इस घटना के चलते कुछ समय तक मतगणना रुकी रही। बाद में रिजर्व रिटर्निंग ऑफिसर ने प्रक्रिया पूरी करवाई। यहां संदीप सिंह ने 195 वोट से सरपंच पद पर जीत दर्ज की।
कई जगह पुनर्गणना की मांग, विवाद भी हुए
चुनाव परिणाम आने के बाद कुछ पंचायतों में मतगणना को लेकर असंतोष भी सामने आया। दौसा जिले के बांदीकुई क्षेत्र की महूखेड़ा पंचायत में हारने वाले प्रत्याशी के समर्थकों ने दोबारा मतगणना कराने की मांग की। पीचूपाड़ा पंचायत में सरपंच पद का फैसला महज दो वोटों के अंतर से हुआ। इसके बाद पराजित प्रत्याशी के समर्थकों ने पुनर्गणना की मांग उठाई।
जालोर जिले की आलासन ग्राम पंचायत में नतीजों के बाद दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति संभाली। वहीं, अलवर जिले के राजगढ़ क्षेत्र के राजपुरबड़ा गांव में चुनाव परिणाम को लेकर हुए विवाद के दौरान पुलिस पर पथराव की खबर है। इसमें कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना सामने आई।
3,625 पंचायतों में उपसरपंच चुनाव
सरपंच चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शनिवार को दूसरे चरण की 3,625 ग्राम पंचायतों में उपसरपंच पद के लिए मतदान कराया जा रहा है। इस चुनाव में वार्ड पंच वोट डालते हैं। आम मतदाता इसमें सीधे मतदान नहीं करते। नामांकन के बाद मतदान और मतगणना के जरिए उपसरपंच चुने जाएंगे।
जोधपुर जिले की भावी ग्राम पंचायत में सरपंच और वार्ड पंचों के लिए 2 नवंबर को पुनर्मतदान निर्धारित किया गया है। इसी वजह से वहां उपसरपंच पद का चुनाव अब 3 नवंबर को कराया जाएगा।