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डबल इंजन सरकार की बेरुखी से बुझ रहा गरीब का चूल्हा; गैस संकट पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का करारा प्रहार

डबल इंजन सरकार की बेरुखी से बुझ रहा गरीब का चूल्हा; गैस संकट पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का करारा प्रहार

गैस किल्लत से थड़ी-ठेला, ढाबा व छोटे होटल संचालकों की रोज़ी-रोटी पर संकट

बेरोज़गारी बढ़ी तो इसकी जिम्मेदार भाजपा सरकार होगी : जूली

दिल्ली से ‘पर्ची’ का इंतज़ार छोड़ खुद शासन चलाना सीखें मुख्यमंत्री


जयपुर राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने प्रदेश और देश में गहराते रसोई गैस (LPG) संकट तथा कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी को लेकर भाजपा की डबल इंजन सरकार पर तीखा हमला बोला है। जूली ने कहा कि एक ओर घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में 60 रुपये की वृद्धि कर आम आदमी की कमर तोड़ दी गई है, वहीं दूसरी ओर कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति बाधित हो रही है। इस कुप्रबंधन के कारण प्रदेश भर में गैस की कालाबाज़ारी बढ़ती जा रही है, लेकिन सरकार स्थिति को संभालने के बजाय हाथ पर हाथ धरे बैठी है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि राज्य सरकार हर समस्या का समाधान ढूंढने के बजाय दिल्ली की ओर देखती रहती है कि वहां से कोई पर्ची आएगी, जबकि प्रदेश की जनता को राहत देने की जिम्मेदारी खुद राज्य सरकार की है।

छोटे व्यापारियों की आजीविका पर संकट
नेता प्रतिपक्ष जूली ने कहा कि कमर्शियल गैस सिलेंडर की किल्लत ने प्रदेश के लाखों छोटे व्यापारियों—चाय की थड़ी लगाने वाले, ढाबा संचालक, छोटे होटल और रेस्टोरेंट चलाने वाले—के सामने गंभीर आजीविका संकट खड़ा कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की यह डबल इंजन सरकार बड़े उद्योगपतियों के हितों को साधने में व्यस्त है, जबकि गरीब और मध्यम वर्ग का चूल्हा बुझाने की नौबत आ गई है। आज हालात इतने चिंताजनक हैं कि रोज़ कमाने-खाने वाले छोटे व्यापारी इस अनिश्चितता में जी रहे हैं कि अगले दिन दुकान खोलने के लिए गैस सिलेंडर मिलेगा भी या नहीं। यदि सरकार ने समय रहते इस संकट का समाधान नहीं किया, तो इससे छोटे व्यापार बंद होंगे और बेरोज़गारी में बढ़ोतरी होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी भाजपा सरकार पर होगी।


जूली ने कहा, “चाहे कोविड की विभीषिका रही हो या आज का गैस संकट

भाजपा सरकार की हर मार अंततः गरीब की जेब और उसके पेट पर ही पड़ती है। गैस किल्लत ने थड़ी-ठेला और छोटे होटल संचालकों के सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा कर दिया है। यदि इस कारण प्रदेश में बेरोज़गारी बढ़ती है, तो इसके लिए सीधे तौर पर भाजपा सरकार जिम्मेदार होगी।” उन्होंने कहा कि जो सरकार आम आदमी को ईंधन जैसा बुनियादी संसाधन भी उपलब्ध नहीं करा सकती, उसे सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। भाजपा की नीतियाँ स्पष्ट रूप से जनविरोधी और असंवेदनशील हैं, जो आम जनता की उम्मीदों को सहारा देने के बजाय उनकी मुश्किलें बढ़ा रही हैं।

कांग्रेस की जनहितैषी नीतियां बनाम भाजपा की संवेदनहीनता भाजपा सरकार की तुलना

पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार से करते हुए जूली ने कहा कि राजस्थान की जनता को आज भी वह समय याद है जब अशोक गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार ने ‘कोई भूखा न सोए’ के संकल्प को जमीन पर उतारा था।उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने महंगाई राहत कैंपों के माध्यम से मात्र 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराकर लाखों परिवारों को राहत दी थी। लेकिन भाजपा सरकार के आते ही जनता को मिलने वाली वह राहत समाप्त कर दी गई। जूली ने कहा कि आज हालात यह हैं कि आम आदमी को अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार जनता का सहारा थी, जबकि भाजपा सरकार में जनता खुद को असहाय महसूस कर रही है।

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