सरवाड़ से जड़ाना व रघुनाथपुरा मार्ग की हालात खराब
सरवाड़। सरवाड़ उपखंड को गांव से जोड़ने वाली विभिन्न सड़के बुरी तरह से जर्जर अवस्था में है, जिसके चलते आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, सड़कों पर जगह-जगह गहरे गड्ढे हो गए, जिससे शहर आने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आसपास के गांव से प्रतिदिन स्कूली बच्चों को लेकर वाहनों का सरवाड़ आना-जाना होता है और जोखिम भरे सफर में हमेशा दुर्घटना का भय बना रहता है। शहर को गांव से जोड़ने वाली मुख्य सड़कों की स्थिति इतनी खराब है कि वाहनों के निकलते समय कभी भी बड़ा हादसा घटित हो सकता है। इसके साथ ही सड़क मार्ग के दोनों तरफ बिलायती बबूल बुरी तरह से फंसे हुए हैं,जिससे कि सामने से आने वाला वाहन दिखाई तक नहीं पड़ता है, जिसके चलते कभी भी बड़ा हादसा घटित हो सकता है।
सरवाड़ से रघुनाथपुरा मार्ग
सरवाड़ से रघुनाथपुर जाने वाले मार्ग पर भगवानपुर मोड़ के पास सड़क के बीचो-बीच काफी लंबे समय से पानी निकासी की पुलिया टूटी हुई है, जिससे हमेशा दुर्घटना का भय बना रहता है। उक्त मार्ग से पूरे दिन वाहनों की आवाजाही होती है, बावजूद विभाग की ओर से ध्यान नहीं दिया जा रहा है, टूटी पुलिया को लेकर ग्रामीणों की ओर से गड्ढे में झाड़ियां को खड़ा कर दिया गया ताकि मार्ग से गुजरने वाले वाहनों को व आम जनता को दिखाई दे सके,। लेकिन रात्रि के समय मार्ग के बीचो-बीच हो रखे गड्ढे से कभी भी बड़ा हादसा घटित हो सकता है। जानकारी के अनुसार उक्त मार्ग रघुनाथपुरा, चकवी, बड़गांव, नागोला, भिनाय, बिजयनगर आदि गांव व शहर में जाने का प्रमुख मार्ग है। उक्त मार्ग से केकड़ी से सरवाड़ होते हुए बिजयनगर जाने वाली निजी बसों का पूरे दिन संचालन होता है, उक्त मार्ग से आम जनता के साथ-साथ जनप्रतिनिधि विभागीय अधिकारी भी गुजरते हैं लेकिन किसी प्रकार का ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
सरवाड़ से जड़ाना- सातोंलाव मार्ग
सरवाड़ से जड़ाना मार्ग की स्थिति काफी खराब हो चुकी है, पूरे डामर मार्ग पर जगह-जगह गहरे गड्ढे हो चुके हैं जिसके चलते आमजन को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उक्त मार्ग से प्रतिदिन जडाना, ढिगारिया, सातोलाव सहित अन्य गांव से लोगों का सरवाड़ आना-जाना होता है, इसके साथ ही गांव से स्कूली वाहनों का भी सरवाड़ आना-जाना होता है। मार्ग से गुजरते समय कई बार वाहन गड्डे में फस जाते हैं जिसके चलते आम जनता व वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बारिश के समय उक्त मार्ग की हालात और भी ज्यादा खराब हो जाती है, मार्ग पर हो रखे गहरे गढ़ों में बारिश का पानी भर जाने से वाहन चालकों को गढ़ों की गहराई का पता तक नहीं पड़ता है, जिससे उन्हें दुर्घटना का शिकार होना पड़ता है।