25 ब्राह्मण बालको का यज्ञोपवीत संस्कार संम्पन्न
बीकानेर। धनीनाथ गिरी मठ ,पंच मंदिर के सभागार में 25 ब्राह्मण बालकों का यज्ञोपवीत संस्कार संपन्न हुआ। इस अवसर पर निर्वाण पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर राजगुरु बीकानेर स्वामी विशोकानंद भारती जी महाराज ने कहा कि प्रकृति से प्राप्त हर पदार्थ का शोधन शुद्धिकरण किया जाता है। शोधित वस्तु जीवन उपयोगी होती है। वैज्ञानिकों ने अनाज फल फूल पशुओं की नशल सुधारी है परंतु मनुष्य के सुधार और संस्कार सृजन पर विचार नहीं किया। भौतिकवादी संस्कार जीवन विक्रम लाता है और नमस्कार जीवन में बिखराव लाते हैं।और धर्म सम्बन्धित संस्कार जीवन मे निखार लाते हैं।संस्कारों का सृजन करने वाले प्राचीन काल में गुरुकुल होते थे। भारत में यह ऋषि और कृषि का देश है ।दोनों में संस्कार और शांति का सृजन का सामर्थ्य है स्वामीनारायण भारतीय वैदिक कर्मकांड पाठशाला की ओर से 25 ब्राह्मण वालों को का विधि विधान से यज्ञोपवीत संस्कार स्वामी जी के सानिध्य में संपन्न किया गया।कार्यक्रम वैद्य वाचस्पति जोशी,मोहन सा आचार्य,कुलदीप कल्ला,ठा. भवानी सिंह राठौड़,पँ मुरलीमनोहर व्यास,पँ अशोक शर्मा, शास्त्री पँ यज्ञप्रसाद शर्मा,भवानी पुजारी आदि उपस्थित थे।