रंगमंच समाज में परिवर्तन का एक सशक्त माध्यम है -तातेड़
विश्व रंगमंच दिवस पर हुआ कलाकार पुष्कर प्रदीप का भावभीना अभिनंदन
नुक्कड़ नाटक का हुआ शानदार प्रदर्शन
बाड़मेर - रंगमंच समाज में परिवर्तन का एक सशक्त माध्यम है यह बात मोडर्न आर्ट थिएटर संस्थान बाड़मेर के तत्वावधान में विश्व रंगमंच दिवस समारोह पर पी जी कालेज बाड़मेर में मुख्य अतिथि के पद को सुशोभित कर रहे भारत के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ बंशी धर तातेड़ ने कही। वैदिक काल में में नाट्य शास्त्र के रचयिता भरतमुनी से लेकर आज के आधुनिक युग के रंगमंच पर एक दृष्टि डालते हैं तो यह बात दृष्टिगोचर होती है कि रंगमंच समाज का दर्पण है एक आइना है जो समय समय पर समाज को जागृत करता रहा है। रंगकर्मी ओम जोशी ने कहा कि रंगमंच व्यक्ति के व्यक्तित्व का एक माध्यम है जो व्यक्ति का सामाजिक मानसिक और शारीरिक रूप से विकास में सहायक होता है। माडर्न आर्ट थिएटर संस्थान बाड़मेर के अध्यक्ष और वरिष्ठ रंगकर्मी गोपी किशन शर्मा ने कहा कि रंगमंच पर अभिनय करने का अर्थ है परकाया प्रवेश यानि इंसान जो है मंच पर अभिनय के दौरान उसे नाटक में दिए गए किरदार को जीवंत बनाए रखने को ही अभिनय कहते हैं। राजस्थान संगीत नाटक अकादमी जोधपुर द्वारा बाड़मेर के सबसे वरिष्ठ बहुमुखी प्रतिभा के धनी कलाकार पुष्कर प्रदीप को -कला पुरोधा - सम्मान से सम्मानित करने पर आज विश्व रंगमंच दिवस पर मोडर्न आर्ट थिएटर संस्थान बाड़मेर द्वारा भावभीना अभिनंदन किया गया जिससे अभिभूत हो कर पुष्कर प्रदीप ने कहा कि यह सम्मान मेरा नहीं है यह सम्मान बाड़मेर की मरूधरा का है मैंने तो केवल कला की उपासना की है साधना की है और मैंने निस्वार्थ भाव से अपना कर्म किया है मैं यह सम्मान मेरी इस जन्मभूमि मरूधरा को समर्पित करता हूं बाड़मेर के हर कलाकार को समर्पित करता हूं। कार्यक्रम का संचालन करते हुए पीजी कालेज के सहायक प्रोफेसर भास्कर गोविंद मैत्रेई ने कहा कि बाड़मेर में आज पहली बार विश्व रंगमंच दिवस पर पहले प्रेमसिंह निर्मोही द्वारा अभिनीत नाटक का मंचन हुआ फिर रंगमंच के पहलुओं पर चर्चा हुई। प्रेम सिंह निर्मोही के दमदार अभिनय ने सेमिनार हाल में उपस्थित सभी दर्शकों को अचंभित कर दिया उनके साथी कलाकार अभि गोयल व डाक्टर के रूप में अभिनय करने वाली अल्का शर्मा शेरनी के अभिनय की भी दर्शकों ने मुक्त कंठ से भूरी भूरी प्रशंसा की कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रोफेसर आदर्श किशोर जाणी ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि बंशीधर जी तातेड़ साहब कालेज के विद्यार्थियों को रंगमंच के हर पहलू से वाकिफ कराया है और विद्यार्थी ने बताया कि हमे भी जीवन बदलने की एक नई विधा से परिचित कराया है। आदर्श किशोर जाणी ने कार्यक्रम के अंत में सबका आभार प्रकट करते हुए कार्यक्रम के समापन की घोषणा की