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जीवन में सत्संग नहीं, सत्य का संग होना चाहिए: विनय दमदमा

जीवन में सत्संग नहीं, सत्य का संग होना चाहिए: विनय दमदमा

बयाना।  समासेवी एवम भामाशाह विनय अग्रवाल दमदमा ने पत्रकार वार्ता में शिष्टाचार भेंट करते हुए अपने विचारों को साझा करते हुए कहा कि मनुष्य जीवन एक अनमोल रत्न की तरह है।जिसमे हर इंसान को अपने जीवन में सबसे पहले सत्य को स्थान देना चाहिए न कि सत्संग को।यदि जीवन में सच्चाई कायम है तो बही सच्चा सत्संग है।फिर वो इंसान ही जीवन में आगे बढ़ सकता है और सत्य का सहारा लेकर हर मुकाम तक पहुंच सकता है। युगों युगों से कहा भी जाता है कि सत्य परेशान तो हो सकता है लेकिन पराजित नहीं हो सकता। अतः हर इंसान को हर परिस्थिति में सत्य का दामन थामे रहना चाहिए कभी विचलित या परेशान नहीं होना चाहिए।यही जीवन का सार है।

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