ट्रंप ने ईरान पर अगला कदम बताने से किया इनकार
वॉशिंगटन. वॉशिंगटन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर अपने अगले कदम के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी देने से इनकार कर दिया। जब उनसे पूछा गया कि ईरान के खिलाफ अब अमेरिका क्या कार्रवाई करेगा, तो उन्होंने संकेत दिया कि इसकी जानकारी सामने आने पर यह बड़ी खबर होगी। ट्रंप ने कहा कि हालात उनके मुताबिक आगे बढ़ रहे हैं और ईरान की स्थिति अच्छी नहीं है। उन्होंने कार्रवाई की कोई समयसीमा भी नहीं बताई।
ट्रंप ने इसके साथ ही दावा किया कि ईरान से जुड़ा संघर्ष ज्यादा समय तक नहीं चलेगा। उनका कहना था कि जैसे ही ईरान का मामला खत्म होगा, तेल की कीमतों में भी गिरावट आ सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि कच्चे तेल की कीमतें पहले के स्तर तक लौट सकती हैं और संभव है कि आने वाले समय में वे उस स्तर से भी नीचे चली जाएं।
डीजल को लेकर यूरोप से अपील
ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और खास तौर पर डीजल की उपलब्धता का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि यूरोप के पास पर्याप्त डीजल मौजूद है और वह दुनिया के बाजार में अतिरिक्त ईंधन उपलब्ध कराने में योगदान दे सकता है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और यूरोप दोनों ही डीजल की ऊंची कीमतों तथा आपूर्ति संबंधी दबाव का सामना कर रहे हैं। हाल ही में जी7 देशों ने आपात भंडार से करीब 100 मिलियन बैरल तेल और ईंधन उत्पाद बाजार में लाने की योजना पर सहमति जताई है। इसमें शुरुआती चरण में डीजल की बड़ी मात्रा जारी करने की बात कही गई है।
अमेरिका नहीं लगाएगा डीजल निर्यात पर रोक
ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका से डीजल निर्यात रोकने का फैसला उनकी सरकार की गंभीर योजना नहीं था। उन्होंने कहा कि अमेरिका निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के बजाय वह कदम उठाएगा जो बाजार और आपूर्ति के लिहाज से जरूरी हैं।
ट्रंप ने यूरोप के साथ अपने संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि यूरोपीय देशों ने बाजार में अधिक डीजल उपलब्ध कराने की अपील पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना था कि यूरोप में डीजल की खपत काफी अधिक है और वहां मौजूद भंडार का कुछ हिस्सा बाजार में आने से वैश्विक आपूर्ति को सहारा मिल सकता है।
ईरान संकट से ऊर्जा बाजार पर दबाव
ईरान से जुड़ा संघर्ष वैश्विक ऊर्जा बाजार पर लगातार असर डाल रहा है। तेल आपूर्ति को लेकर चिंता और डीजल की तंग उपलब्धता के कारण हाल के दिनों में कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखा गया है। 2 अक्टूबर को यूरोप द्वारा डीजल भंडार जारी करने पर सहमति के बाद ब्रेंट क्रूड करीब 102.25 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ।
अमेरिका की ओर से यूरोप से डीजल भंडार जारी करने का दबाव भी इसी ऊर्जा संकट की पृष्ठभूमि में बढ़ा था। इससे पहले रिपोर्टों में सामने आया था कि अमेरिका ने यूरोपीय देशों से आपात डीजल भंडार जारी करने को कहा था।
फिलहाल ट्रंप ने ईरान को लेकर अमेरिका की अगली कार्रवाई के बारे में कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया है। उनके बयानों से इतना जरूर स्पष्ट है कि उनका प्रशासन ईरान संकट के साथ-साथ वैश्विक तेल और डीजल आपूर्ति पर भी नजर बनाए हुए है।