ट्रंप बोले- अब समय आ गया, मुझे मिलना चाहिए नोबेल शांति पुरस्कार
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर कहा है कि उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए। हालांकि, इस बार उन्होंने पुरस्कार मिलने की संभावना को लेकर खुद ही संशय जाहिर किया है। ट्रंप ने 2026 के नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा से पहले नॉर्वेजियन नोबेल समिति की मंशा पर भी सवाल उठाए।
ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि अब पुरस्कार दिए जाने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि समिति इस बार क्या फैसला करेगी। ट्रंप ने समिति की छवि का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी धारणा है कि शायद उनके जैसे लोगों को यह पुरस्कार नहीं दिया जाता।
ट्रंप पिछले साल जनवरी में दूसरी बार अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद से लगातार दावा करते रहे हैं कि वे नोबेल शांति पुरस्कार के हकदार हैं। उनका कहना है कि उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को समाप्त कराने या रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ट्रंप के मुताबिक, उन्होंने करीब आठ संघर्षों को रुकवाने में भूमिका निभाई है और इसी आधार पर उन्हें यह सम्मान मिलना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि पिछली बार नोबेल शांति पुरस्कार जीतने वाली शख्सियत से अप्रत्यक्ष रूप से सम्मान हासिल करना उनके लिए गौरव की बात रही। ट्रंप का इशारा वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो की ओर था। जनवरी 2026 में मचाडो ने अपना 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार पदक ट्रंप को सौंप दिया था। उन्होंने यह कदम वेनेजुएला के लिए अमेरिकी समर्थन के प्रति आभार जताने के तौर पर उठाया था।
ट्रंप को कंबोडिया, इजरायल और पाकिस्तान की ओर से नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित भी किया गया है। हालांकि, उनके शांति प्रयासों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल भी उठते रहे हैं। जिन संघर्षों को रोकने में ट्रंप अपनी भूमिका बताते हैं, उनमें शामिल कुछ पक्ष अमेरिकी राष्ट्रपति की कूटनीतिक भूमिका के प्रभाव पर असहमति जता चुके हैं।
कई क्षेत्रों में संघर्ष पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और कंबोडिया-थाईलैंड सीमा जैसे इलाकों में तनाव और हिंसा की घटनाएं जारी रही हैं। वहीं, ट्रंप रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त कराने में अब तक सफल नहीं हो पाए हैं। उन्होंने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में ही इस युद्ध को खत्म करने का वादा किया था।
ईरान को लेकर भी स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों के बाद क्षेत्र में लंबे समय से तनाव बना हुआ है। इसका असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ा है।
2026 के नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा शुक्रवार को नॉर्वेजियन नोबेल समिति करेगी। इस बार पुरस्कार के संभावित दावेदारों में पोप लियो, इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट और फिलिस्तीनी क्षेत्रों के लिए विशेष रैपोर्टेयर का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। ऐसे में ट्रंप की नजरें अब समिति के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।