ट्रंप का बड़ा ऐलान! अमेरिका में बनेगा पेरिस एयर शो से भी बड़ा एयरोस्पेस सेंटर
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका को वैश्विक विमानन और अंतरिक्ष उद्योग का सबसे बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वाकांक्षी योजना पेश की है। उन्होंने फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर में विशाल एयरोस्पेस प्रदर्शनी स्थल विकसित करने का प्रस्ताव रखा है। ट्रंप का दावा है कि करीब 1,900 एकड़ में तैयार होने वाला यह केंद्र दुनिया के मशहूर पेरिस एयर शो से भी बड़ा होगा।
ट्रंप के मुताबिक, इस परियोजना को लगभग दो वर्षों के भीतर तैयार करने का लक्ष्य है। यहां वाणिज्यिक विमानन, निजी विमानों और अंतरिक्ष तकनीक से जुड़ी कंपनियों को एक ही मंच पर अपने उत्पाद और नई तकनीक प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
'अमेरिका का एयर शो सबसे बड़ा होना चाहिए'
केनेडी स्पेस सेंटर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को ऐसा एयर शो आयोजित करना चाहिए, जैसा दुनिया ने पहले कभी नहीं देखा हो। उन्होंने पेरिस, ब्रिटेन और दुबई में होने वाले प्रमुख एयरोस्पेस आयोजनों का जिक्र करते हुए कहा कि जब अमेरिकी कंपनियां इस उद्योग में मजबूत स्थिति रखती हैं, तो सबसे बड़ा प्रदर्शनी मंच भी अमेरिका में होना चाहिए।
उन्होंने उम्मीद जताई कि इस आयोजन में हर साल लाखों लोग पहुंचेंगे। इससे अरबों डॉलर की आर्थिक गतिविधियां पैदा होंगी और सैकड़ों अरब डॉलर के व्यापारिक सौदों के अवसर बन सकते हैं।
1,900 एकड़ में विकसित होगा विशाल प्रदर्शनी स्थल
प्रस्तावित परियोजना के लिए फ्लोरिडा में पूर्व स्पेस शटल लैंडिंग सुविधा के आसपास की जमीन का इस्तेमाल किया जाएगा। ट्रंप के अनुसार, यहां पहले से मौजूद रनवे और विशाल खुला क्षेत्र विमानों के प्रदर्शन तथा अंतरिक्ष तकनीक के डेमो के लिए उपयोगी साबित होंगे।
इसके अलावा नई प्रदर्शनी इमारतें भी बनाई जाएंगी। आने वाले वर्षों में इस केंद्र का और विस्तार करने की योजना है। इसका उद्देश्य विमान निर्माता कंपनियों, अंतरिक्ष क्षेत्र की संस्थाओं और नई तकनीक विकसित करने वाले उद्यमों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है।
यह घोषणा 'मैक्स पावर' एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी एक्सपो और एयर शो के दौरान की गई। यह आयोजन 6 से 8 नवंबर तक केनेडी स्पेस सेंटर और उसके आसपास आयोजित हो रहा है।
चंद्रमा पर इंसानों को फिर भेजने की तैयारी
ट्रंप ने अपने संबोधन में अमेरिकी अंतरिक्ष कार्यक्रम की महत्वाकांक्षाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने नासा प्रशासक जेरेड इसाकमैन की तारीफ करते हुए कहा कि अमेरिका को अंतरिक्ष अन्वेषण में अपनी अग्रणी स्थिति बनाए रखनी चाहिए।
उन्होंने अपने कार्यकाल के समाप्त होने से पहले अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों को दोबारा चंद्रमा की सतह पर भेजने का लक्ष्य दोहराया। इसके साथ ही भविष्य में चंद्रमा पर इंसानों की स्थायी मौजूदगी स्थापित करने की योजना पर भी जोर दिया।
नासा की प्रकाशित योजना के अनुसार, 2027 में आर्टेमिस III मिशन के जरिए पृथ्वी की कक्षा में विभिन्न प्रणालियों और परिचालन क्षमताओं का परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद 2028 में आर्टेमिस IV के तहत चंद्रमा पर लैंडिंग का लक्ष्य रखा गया है।
मंगल ग्रह के लिए परमाणु तकनीक वाले अंतरिक्ष यान की योजना
ट्रंप ने मंगल ग्रह की खोज के लिए परमाणु ऊर्जा से संचालित अंतरिक्ष यान की योजना का भी उल्लेख किया। नासा ने मार्च में स्पेस रिएक्टर-1 फ्रीडम मिशन की घोषणा की थी। इसे 2028 के अंत से पहले लॉन्च करने का लक्ष्य है।
इस रोबोटिक मिशन के जरिए डीप स्पेस में न्यूक्लियर इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन तकनीक का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ मंगल ग्रह की खोज के लिए छोटे हेलीकॉप्टर भी भेजे जाएंगे।
यह मिशन मंगल पर भविष्य में इंसानों को भेजने की दीर्घकालिक योजना से अलग है, लेकिन अंतरिक्ष में नई तकनीकों के इस्तेमाल की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सुपरसोनिक विमान और ड्रोन तकनीक पर भी जोर
विमानन क्षेत्र की चर्चा करते हुए ट्रंप ने सुपरसोनिक कॉनकॉर्ड विमान में अपनी यात्रा को याद किया। उन्होंने यात्री विमानों की सुपरसोनिक सेवा बंद होने पर अफसोस जताते हुए कहा कि विमानन उद्योग में अब दोबारा तेज प्रगति होनी चाहिए।
उन्होंने ड्रोन, इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेकऑफ एंड लैंडिंग (eVTOL) विमानों और स्वायत्त उड़ान तकनीक को बढ़ावा देने की बात कही। इसके साथ ही कम शोर करने वाले सुपरसोनिक विमानों के विकास पर भी जोर दिया।
ट्रंप की योजना के मुताबिक, प्रस्तावित फ्लोरिडा एयरोस्पेस सेंटर इन सभी नई तकनीकों के प्रदर्शन और व्यापारिक साझेदारी का बड़ा मंच बन सकता है।
कुल मिलाकर, अमेरिका की यह महत्वाकांक्षी योजना विमानन उद्योग, अंतरिक्ष अनुसंधान और नई परिवहन तकनीकों को एक साथ जोड़ने की कोशिश है। हालांकि, परियोजना की वास्तविक सफलता इसके निर्माण, निवेश और तय समयसीमा में काम पूरा होने पर निर्भर करेगी।