निवेशकों को जब तक भुगतान नहीं,सत्ताधारियो को वोट नहीं
जयपुर। राज्य और देश के चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में निवेशकों को उनकी जमा राशि भुगतान के लिए" जब तक निवेशकों को भुगतान नहीं,सत्ता धारियों को वोट नहीं " के नारे को क्रेडिट सोसाइटी में निवेश करने वाले देश के हर निवेशको तक ले जाना होगा। यह विचार क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी कार्यकर्ता एवं निवेशक संघर्ष समिति, राजस्थान के हटवाड़ा रोड, जयपुर स्थित मजदूर किसान भवन में एसएफआई के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुण कुमार ने व्यक्त किए । उन्होंने कहा कि आज सीबीआई ई डी में जितने लूट और धोखाधड़ी के मुकदमे दर्ज हैं, उनमें 50% से ज्यादा क्रेडिट एवं चिट फंड सोसायटी के खिलाफ है लेकिन ईडी का छापा सिर्फ विपक्षी राजनीतिक दलों के नेताओं पर ही पड़ता है। कन्वेंशन में वरिष्ठ महिला नेता सुमित्रा चोपड़ा ने किसान आंदोलन से प्रेरणा लेकर कहा कि निवेशकों को उनकी जमा राशि भुगतान का रास्ता संघर्ष और आंदोलन से ही निकलेगा । उन्होंने कहा कि लूट से सबसे ज्यादा पीड़ा महिलाओं को होती है।
कन्वेंशन में वरिष्ठ एडवोकेट एवं पूर्व पार्षद राजेश सिंघवी ने कहा कि सरकार नोट और वोट की भाषा ही समझती है। नोट तो उन्होंने कॉरपोरेट से लेकर सरकार बना उनकी गुलामी स्वीकार कर ली, लेकिन हमें अब वोट की ताकत बता उन्हें सड़क पर लाना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार जब कॉरपोरेट। का टैक्स कम कर सकती है और कॉरपोरेट के लोन माफ कर सकती हैं तो उनके कम किए टैक्स और माफ किए लोन से कम राशि में भी देश के सभी निवेशकों को उनकी जमा राशि का भुगतान किया जा सकता है , लेकिन सरकार ऐसा नहीं करेगी । सरकार तभी कुछ करेगी, जब उनके वोट पर चोट पड़ेगी । सिंघवी ने कहा कि हर इंसान अपने जीवन को बेहतर करने के सपने देखता है लेकिन सरकार ने पूंजी पतियों से गठजोड़ कर उन सपनों को चूर चूर कर दिया है । अखिल भारतीय किसान सभा के संयुक्त सचिव डॉ.संजय"माधव" ने कन्वेंशन को सम्बोधित करते हुए निवेशकों से ऐतिहासिक किसान आन्दोलन की तर्ज़ पर जनांदोलन की जमीन तैयार करने का आह्वान किया।
कन्वेंशन में समिति के संयोजक विजय कुमार वर्मा ने कहा कि हमने आज राजस्थान में निवेशकों को उनका पैसा दिलाने का बीड़ा उठाया है जिसे देशव्यापी स्वरूप देकर इस आंदोलन को देशव्यापी करेंगे और देश के हर निवेशकों को उनका जमा पैसा दिलाने की जिम्मेदारी को अपने हाथों में लेंगे ।
कन्वेंशन में ताराचंद ने कहा कि देश की 40 करोड़ जनता इन क्रेडिट सोसाइटी की लूट से प्रभावित है, उन्हें अपनी राजनीतिक ताकत बनना होगा । उन्होंने कहा कि हम सरकार को हमारे भविष्य सुरक्षित करने के लिए चुनते हैं लेकिन सरकार ही हमारे भविष्य को इन सोसाइटी से मिल कर और उनसे गठजोड़ कर बर्बाद कर रही है।
कन्वेंशन में बृजमोहन योगी ने कहा कि हमें सहारा सोसाइटी ने करोड़पति बनने के सपने दिखाए, लेकिन उन्होंने हमें रोड पति बना दिया ।
कन्वेंशन में रानी शेख ने कहा कि आज देश में दो लाख क्रेडिट सोसाइटी है जो देश की जनता को लूट रही है। उन्होंने कहा कि हमें न्याय, कानून की लड़ाई के साथ-साथ सड़क की लड़ाई करने पर ही मिलेगा ।
कन्वेंशन में धौलपुर के राजेश ने कहा कि देश में पिछले 5 सालों में हजारों सोसाइटी के कार्यकर्ताओं और निवेशकों ने आत्महत्या की है लेकिन वह आत्महत्या ना होकर सरकार द्वारा की गई हत्या है।
कन्वेंशन में राजस्थान के 28 जिलों 240 प्रतिनिधियों ने भाग लिया ।
कन्वेंशन के अंत में राज्य कमेटी का गठन किया गया, जिसमें विजय कुमार वर्मा को संयोजक और आशीष शर्मा ,रविंद्र, ताराचंद, रमेश और ब्रजमोहन योगी उप संयोजक चुने गए ।
कन्वेंशन में नई दिल्ली में 5 अप्रैल को मजदूर किसान संघर्ष रैली में भी भाग लेने का निर्णय लिया गया। कन्वेंशन में राजस्थान के सभी जिलों में संघर्ष समितियों का गठन कर आम निवेशकों को इस संघर्ष में शामिल करने के निर्णय लेने के साथ 1 मई मजदूर दिवस को राजस्थान के सभी जिलों में जिला कलेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम क्रेडिट सोसाइटी में निवेशकों को उनको जमा राशि दिलाने के लिए ज्ञापन देने के निर्णय लिए गए ।