उमर खालिद के ‘राष्ट्रवादी’ बयान पर घमासान, BJP ने मांगी माफी
नई दिल्ली। कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद द्वारा जेल में बंद कार्यकर्ता उमर खालिद को ‘राष्ट्रवादी’ बताए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा नेताओं और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने हरिप्रसाद के बयान पर आपत्ति जताई है। यह विवाद बेंगलुरु स्थित नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) में उमर खालिद पर बनी डॉक्यूमेंट्री की प्रस्तावित स्क्रीनिंग को लेकर शुरू हुआ था।
हरिप्रसाद ने डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग का विरोध कर रहे एबीवीपी पर निशाना साधते हुए उमर खालिद को ‘राष्ट्रवादी’ बताया था। उन्होंने एबीवीपी के उस विरोध पर सवाल उठाया, जिसमें संगठन ने डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग रद्द करने की मांग की थी। रिपोर्टों के मुताबिक, विश्वविद्यालय में प्रस्तावित स्क्रीनिंग को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर साधा निशाना
हरिप्रसाद की टिप्पणी के बाद भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर सवाल उठाए। आपके दिए बयान के मुताबिक, तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने इसे लेकर कर्नाटक सरकार की आलोचना की और कहा कि उमर खालिद को ‘राष्ट्रवादी’ बताने पर सरकार को माफी मांगनी चाहिए।
कर्नाटक में विधान परिषद के विपक्ष के नेता चलवाडी नारायणस्वामी ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ऐसे लोगों के साथ खड़ी दिखाई दे रही है, जिनके विचारों को लेकर गंभीर विवाद रहा है।
झारखंड भाजपा नेता प्रतुल शाहदेव ने भी हरिप्रसाद की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने उमर खालिद से जुड़े पुराने विवादों और 2020 के दिल्ली दंगों के मामले का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर राजनीतिक सवाल उठाए। इन नेताओं के बयान उनके राजनीतिक आरोप और रुख हैं, जिन पर कांग्रेस की ओर से प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी।
ABVP ने भी जताई आपत्ति
इस विवाद में एबीवीपी भी खुलकर सामने आई है। संगठन के बेंगलुरु सिटी सेक्रेटरी अभिनंदन मिर्जी ने हरिप्रसाद की टिप्पणी पर सवाल उठाते हुए कहा कि उमर खालिद के खिलाफ मामला अदालत में विचाराधीन है और इस आधार पर उनके बारे में राजनीतिक दावे किए जा रहे हैं।
एबीवीपी ने NLSIU में प्रस्तावित डॉक्यूमेंट्री स्क्रीनिंग का विरोध किया था। संगठन की आपत्ति के बाद यह मुद्दा राजनीतिक बहस का विषय बन गया। रिपोर्टों के अनुसार, एबीवीपी ने केंद्र सरकार से भी विश्वविद्यालय में स्क्रीनिंग को लेकर हस्तक्षेप की मांग की है।
उमर खालिद से जुड़ा कानूनी मामला क्या है?
उमर खालिद सितंबर 2020 से उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगा मामले से जुड़े एक मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत मामला दर्ज है। उन पर अभियोजन पक्ष ने 2020 के दिल्ली दंगों की कथित साजिश में शामिल होने के आरोप लगाए हैं। ये आरोप अदालत में विचाराधीन हैं और आरोप अपने आप में दोषसिद्धि नहीं हैं।
मई 2026 में दिल्ली हाईकोर्ट ने पारिवारिक कारणों से उन्हें सीमित अवधि की अंतरिम जमानत दी थी। अदालत के आदेश में यह भी दर्ज है कि उनकी नियमित जमानत पहले खारिज हो चुकी थी और बाद में तीन दिन की अंतरिम जमानत की अनुमति दी गई।
इस पूरे मामले में फिलहाल राजनीतिक बहस का केंद्र हरिप्रसाद की ‘राष्ट्रवादी’ टिप्पणी, डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग और उमर खालिद से जुड़े लंबित कानूनी मामले हैं। भाजपा और एबीवीपी ने बयान पर आपत्ति जताई है, जबकि कांग्रेस पक्ष से हरिप्रसाद का बयान इस विवाद का आधार बना हुआ है।