गैस कीमतों और आमागढ़ किला विवाद पर राजस्थान विधानसभा में जोरदार हंगामा
जयपुर। राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान रसोई गैस की बढ़ी कीमतों और जयपुर के पास आमागढ़ किला तक रास्ता बनाने के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। गैस कीमतों को लेकर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और खाद्य मंत्री सुमित गोदारा के बीच तीखी बहस हो गई। प्रश्नकाल के दौरान जूली ने कहा कि हाल ही में रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है और कमर्शियल सिलेंडरों पर भी अघोषित रोक की बात सामने आ रही है। उन्होंने पूछा कि क्या राज्य सरकार अपनी ओर से सब्सिडी देकर आमजन को राहत देगी। इस पर खाद्य मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतें बढ़ी हैं, जिसका असर यहां भी पड़ रहा है। जूली ने कहा कि जब पिछली सरकार के समय 800 रुपये के सिलेंडर पर 500 रुपये में गैस उपलब्ध कराई जा सकती थी, तो अब 600 रुपये के आसपास कीमत होने पर सरकार सस्ता सिलेंडर क्यों नहीं दे सकती। इस पर मंत्री गोदारा ने कहा कि सरकार आमजन को गैस की किल्लत नहीं होने देगी और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
इसी दौरान आमागढ़ किले तक रास्ता बनाने से जुड़े प्रश्न पर सदन में फिर हंगामा हो गया। उपनेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस विधायक रामकेश मीणा और वन राज्य मंत्री संजय शर्मा के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। रामकेश मीणा ने आमागढ़ किले से जुड़े आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय उन्होंने ही आंदोलन किया था और किले पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े लोगों ने भगवा झंडा फहराया था। आरएसएस का उल्लेख होते ही भाजपा विधायकों ने कड़ी आपत्ति जताई और सदन में हंगामा शुरू हो गया। वन राज्य मंत्री संजय शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि रामकेश मीणा ने पहले खुद को हिंदू नहीं बताते हुए आदिवासी पहचान की बात कही थी और हिंदू धर्म की कमियों का जिक्र किया था। वन राज्य मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि आमागढ़ क्षेत्र में सड़क निर्माण और रखरखाव का कार्य वन विभाग करेगा तथा वन क्षेत्रों में स्थित हेरिटेज संपत्तियों और प्राचीन मंदिरों के संरक्षण के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।
सदन में बढ़ते हंगामे पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रश्नकाल को विवाद का मंच नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने सदस्यों से अनुशासन बनाए रखने की अपील की।