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अमेरिका में शीत तूफान का खतरा, सरकार ने जारी किया हाई अलर्ट

अमेरिका में शीत तूफान का खतरा, सरकार ने जारी किया हाई अलर्ट

वाशिंगटन। अमेरिका के कई हिस्सों में शीत तूफान तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह तूफान मिडवेस्ट, ईस्ट कोस्ट और दक्षिणी राज्यों के बड़े इलाकों को अपनी चपेट में लेने वाला है। मौसम विभाग और प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भारी बर्फबारी, बारिश और जमाने वाली ठंडी हवाएं लोगों के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं। इस तूफान के कारण हवाई उड़ानों में रुकावट आ रही है और कई जगहों पर सड़कों पर सफर बेहद खतरनाक या लगभग असंभव हो सकता है। बर्फ और बारिश से बिजली की लाइनें टूटने और लंबे समय तक बिजली गुल रहने का भी खतरा जताया गया है। व्हाइट हाउस ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लगातार हालात की जानकारी दी जा रही है। एक अधिकारी ने कहा, "राष्ट्रपति पूरे दिन अपडेट ले रहे हैं और सभी विभागों के साथ लगातार संपर्क में हैं। ट्रंप प्रशासन मिलकर हालात पर नजर रखे हुए है और जरूरत के अनुसार कदम उठा रहा है।"
होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने कहा कि यह तूफान भारी बर्फ, खतरनाक बारिश और जानलेवा ठंडी हवाएं ला सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि मिडवेस्ट, ईस्ट कोस्ट और यहां तक कि दक्षिण के कुछ हिस्सों में भी बिजली गुल होने, सड़कें बंद होने और रोजमर्रा की जिंदगी पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है।
सरकार ने हालात से निपटने के लिए फेडरल एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा है। नोएम ने बताया कि फेमा (एफईएमए) राज्यों के साथ मिलकर तूफान की निगरानी कर रही है और तैयारी में जुटी है।
डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (डीएचएस) ने बताया कि इंसिडेंट मैनेजमेंट टीमें पहले ही लुइसियाना, टेक्सास और वर्जीनिया भेजी जा चुकी हैं। इसके अलावा और टीमें भी तैयार हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर राज्यपालों के अनुरोध पर भेजा जाएगा। वहीं, 28 फेमा अर्बन सर्च एंड रेस्क्यू टीमें भी तुरंत तैनाती के लिए तैयार हैं।
संभावित लंबे समय तक बिजली गुल रहने और सड़कों के बंद होने को देखते हुए फेमा ने दक्षिण और पूर्वी इलाकों में आपातकालीन सामान पहले से पहुंचा दिया है। इनमें 70 लाख से ज्यादा भोजन पैकेट, 20 लाख लीटर से अधिक पानी, 6 लाख से ज्यादा कंबल और 300 से अधिक जनरेटर शामिल हैं।
इसके अलावा, केंटकी, लुइसियाना और टेक्सास में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए विशेष स्टेजिंग साइट्स बनाई गई हैं, ताकि जरूरत पड़ते ही मदद तेजी से लोगों तक पहुंच सके।
डीएचएस ने लोगों से अपील की है कि वे लंबे समय तक होने वाली परेशानियों के लिए तैयार रहें और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें। अधिकारियों ने चेताया कि बिजली गुल होने से हीटिंग सिस्टम, संचार और परिवहन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं।
लोगों को राज्य और स्थानीय आपातकालीन अलर्ट के लिए साइन अप करने और फेमा ऐप डाउनलोड करने की सलाह दी गई है, ताकि उन्हें रियल टाइम अपडेट मिलते रहें।
डीएचएस ने कहा, "कभी भी जनरेटर को घर के अंदर न चलाएं और गैस स्टोव, केरोसीन या प्रोपेन हीटर या ओवन से घर गर्म करने की कोशिश न करें। इससे कार्बन मोनोऑक्साइड का खतरा हो सकता है।"
यात्रा को लेकर भी खास चेतावनी दी गई है। अधिकारियों ने लोगों से कहा है कि बेवजह यात्रा से बचें और अगर स्थानीय प्रशासन सड़क पर न निकलने की सलाह दे, तो उसका पालन करें। बर्फीली सड़कों, ढकी हुई हाईवे और कम दृश्यता के कारण ड्राइविंग बेहद खतरनाक हो सकती है।
नोएम ने कहा, "अगर आपको सड़क पर न निकलने को कहा जाए, तो कृपया ऐसा ही करें। और अगर मजबूरी में गाड़ी चलानी पड़े, तो अपने रास्ते और पहुंचने के समय की जानकारी किसी को जरूर दें।"
परिवारों को सलाह दी गई है कि वे कई दिनों के लिए पानी, सूखा भोजन, गर्म कपड़े और कंबल अपने पास रखें। अधिकारियों ने चेताया कि कुछ सड़कें बर्फ और जमाव के कारण कई दिनों तक बंद रह सकती हैं।

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