Dark Mode
वैशाख अमावस्या 19 अप्रैल को

वैशाख अमावस्या 19 अप्रैल को

 
अजमेर . पित्र कार्य अमावस्या बुधवार को होगी। वैशाख मास की अमावस पितरों के नाम से सर्वश्रेष्ठ बताई गई है। पुष्कर के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित कैलाश नाथ दाधीच ने बताया कि शास्त्रों में और पुराणों में वर्णित है कि इस दिन पितरों के नाम से नारायण बलि पिंड प्रधान तर्पण मार्जन एक पिंडी श्राद्ध करने से पितरों को मोक्ष गति प्राप्त होती है।अन्न दान जल दान वस्त्र दान फल सुखा मेवा पेय पदार्थ दूध से बने हुए पदार्थ दान करने से कोठी गुना फल मिलता है।इस दिन तीर्थों में स्नान नदियों में स्नान पवित्र स्थान पर स्नान एवं दान पुण्य करना पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।पुष्कर जैसे महान तीर्थ ब्रह्म सरोवर में परिक्रमा करना दान पुण्य करना पितरों के निमित्त कार्य करने से पित्र ब्रह्मलोक में गमन करके आशीर्वाद प्रदान करते हैं।जिनके पास पितरों की पातरिया सोने और चांदी की पहले से बनी हुई है उनका रात्रि जागरण रातीजोगा मंगलवार को करने से घर में सुख संपदा संपत्ति मनोकामना पूर्ण होती है जो अधोगति से अस्त्रों से शस्त्रों से जल से अग्नि से एक्सीडेंट से जिनकी मृत्यु हुई है जो झुंझार भोमिया महाराज का जागरण रातीजोगा  सोमवार को करना।उन मृत आत्माओं के लिए सर्वश्रेष्ठ रहेगा।इस दिन अमावस को गजेंद्र मोक्ष विष्णु सहस्त्रनाम गोपाल सहस्त्रनाम पित्र संगीता नारायण मंत्र भागवत पूजन पाठ रुद्राभिषेक रुद्री पाठ करना एवं करवाना पितरों के लिए मोक्ष गति के लिए शास्त्रों में श्रेष्ठ वर्णित है 20 अप्रैल गुरुवार को अमावस्या केवल 10 बजे तक रहेगी इसके बाद प्रतिपदा प्रारंभ हो जाएगी इस दिन सुखदेव भगवान की जयंती है एवं ग्रीष्म ऋतु प्रारंभ हो जाएगी पंचांग में पित्र अमावस्या  वैशाख मास कृष्ण पक्ष चतुर्दशी बुधवार को पंचांग में लिखित है।

Comment / Reply From

You May Also Like

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!