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INDIA की जगह भारत हो जाने से भारतीय साइट्स का क्या होगा?

INDIA की जगह भारत हो जाने से भारतीय साइट्स का क्या होगा?

पूरे देश में इन दिनों देश का नाम इंडिया की जगह भारत बदले जाने को चर्चा है। संसद के विशेष सत्र को लेकर एक बार फिर इस मामले में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। इस सत्र की आधिकारिक वजह अब तक सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि सरकार इस विशेष सत्र में देश का नाम 'भारत' किए जाने का प्रस्ताव रख सकती है। दरअसल, देश के नाम इंडिया से भारत करने की मांग कई बार उठ चुकी है। वहीं देश के संविधान में ये दोनों ही नाम हैं, ऐसे में इंडिया नाम को हटाने से कई बदलाव हो सकते हैं। इसमें एक बड़ा बदलाव देश की तमाम वेबसाइट्स में होगा। वे सभी वेबसाइट्स जो .in डोमेन पर काम कर रही हैं, उन्हें बदला जा सकता है। हालांकि, वेबसाइट्स का ये बदलाव अभी भी सिर्फ एक मुद्दा है। क्योंकि, ये पूरी तरह से देश पर निर्भर करता है कि वो अपने टॉप लेवल डोमेन को क्या रखता है। वहीं सभी इंडियन वेबसाइट्स या जिन वेबसाइट के आखिर में .in लगा है, क्या वे भारत नाम होने के बाद बंद हो जाएंगी? बता दें कि, सभी देशों की वेबसाइट्स का आखिर में उनका एक कोड होता है जैसे भारत का IN है। अगर भारत होता है तो आखिर में Bh लगाया जा सकता है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि आखिर पुराने वाले डोमेन का क्या होगा? किसी भी देश का नाम बदलने पर उसके टॉप लेवल डोमेन पर भी असर पड़ता है। ये असर देश के लिए फैसले से पड़ेगा। टॉप लेवल डोमेन एक दो अक्षर का डोमेन होता है जो किसी देश की पहचान से जुड़ा होता है। जैसे अमेरिका का .us, तो जर्मनी का .de, लेकिन ये इतना आसान नहीं होगा। टॉप लेवल डोमेन को बदलने से क्या होगा? किसी देश के टॉप लेवल डोमेन बदलने पर भी कई पहलुओं का ध्यान रखना होगा। सबसे पहले डोमेन नेम बदलने से मौजूदा वेबसाइट्स की रैंकिंग पर क्या असर होगा। इसके अलावा ये ट्रांजिशन कैसे होगा। ऐसे में ट्रांजिशन के दौरान दोनों ही टॉप लेवल डोमेन उपलब्ध होंगे और उन्हें माना जाएगा। इसके लिए पुराने TDL उपलब्ध होंगे और उन्हें माना जाएगा। इसके लिए पुराने टीडीएल को नए पर रिडायरेक्ट किया जा सकता है। इसके लिए मौजूदा वेबसाइट ओनर्स को वक्त चाहिए होगा और ये प्रक्रिया धीरे-धीरे होगी। देश में जो डोमेन ओनर्स हैं उन्हें अपने डोमेन नेम को अपडेट करना होगा। अगर कोई ओनर डोमेन चेंज करता है तो उसकी वेबसाइट का यूआएल, ईमेल ऐड्रेस और दूसरी आईडी बदल जाएंगी। वहीं TDL बदलने की दशा में इंटरनेशनल बॉडीज और ऑर्गेनाइजेशन्स से बातचीत करनी पड़ती है। जिससे इस माइग्रेशन को आसानी से बनाया जा सकता है।

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