प्रकृति के बिना मनुष्य का अस्तित्व ही असम्भव-डॉ0 कुमार
बयाना। प्रकृति को माँ की उपमा दी गई है।प्रकृति माँ बनकर मां की तरह ही हमें जीबन देती है और हमारे जीबन को जीबन भर पोषण भी प्रदान करती है।यह विचार ब्रह्मनाद आध्यात्मिक केंद्र संस्थापक डॉ0 कुमार शास्त्री ने परम् उत्सव कार्यक्रम में व्यक्त किये।उन्होंने कहा कि अथर्ववेद के भूमि सूक्त के रचयिता वैदिक ऋषियों ने कहा कि बसुन्धरा जननी है हम सब उसके पुत्र हैं।उन्होंने कहा कि प्रकृति के बिना मनुष्य का अस्तित्व ही असम्भव है।बृक्ष,जल,वायु,पर्वत,सूर्य आदि की पूजा-उपासना का मूल दर्शन भी यही है।परम् उत्सव के चार सौ दसबे इस आयोजन में अनेकों जनों ने नशा नही करने का संकल्प भी लिया।