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YouTube के भारत में 15 साल पूरे हुए

YouTube के भारत में 15 साल पूरे हुए

कंटेंट क्रिएटर्स की जरूरतें पूरी करने के लिए AI पर कंपनी का फोकस


नई दिल्ली .  ऑनलाइन वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म यूट्यूब इंडिया देशभर में कंटेंट क्रिएटर्स को नया करने और उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर अपना फोकस कर रहा है। इसके साथ ही कंपनी आने वाले समय में गलत इन्फॉरमेंशन के खिलाफ कार्रवाई भी करेगी।

Youtube के भारत में 15 साल पूरे हो गए हैं। इस मौके पर बुधवार को यूट्यूब इंडिया ने अपने फ्यूचर प्लान शेयर किए। इस दौरान कंपनी के डायरेक्टर इशान चटर्जी ने दिल्ली में एक कार्यक्रम में बताया, 'मई 2023 में कंपनी के एक सर्वे में पता चला कि 69% लोगों को वर्चुअल या एनिमेटेड इफेक्टेड कंटेंट देखना अच्छा लगता है। यह AI जनरेटेड कंटेंट के प्रति लोगों की बढ़ती एक्सेप्टेंस को इंडीकेट करता है।'

प्लेटफॉर्म ने शेयर किया कि भारत में अपनी 15 साल की यात्रा के दौरान यूट्यूब ने लगातार अपनी क्रिएटिविटी को डेवलप किया है। इसके साथ ही क्रिएटर्स के लिए मॉनेटाइजेशन के ऑप्शन को बढ़ाया है। देश में यूट्यूब की यात्रा कई मायनों में भारत की अपनी डिजिटल परिवर्तन यात्रा है।यूजर्स को गुमराह करने वाले कंटेंट पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी
चटर्जी ने कहा कि, 'यूट्यूब के पास बेहतर दिशा निर्देश हैं, जो यह तय करते हैं कि प्लेटफॉर्म पर किस प्रकार के कंटेंट की परमिशन है। हमारी पॉलिसी हिंसा फैलाने वाले कंटेंट पर रोक लगाने के लिए भी है। हम इस तरह की चुनौतियों से निपटने के लिए अपनी टेक्नीक को लगातार डेवलप कर रहे हैं।

AI के आने के साथ मौजूता कंटेंट के साथ छेड़छाड़ न सिर्फ यूट्यूब, बल्कि पूरे समाज के लिए चुनौती है। यूजर्स को गुमराह करने और वास्तविक कंटेंट को नुकसान पहुंचाने के इरादे से तकनीकी रूप से हेरफेर कर लाए गए कंटेंट के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी।'कैसे शुरू हुआ यूट्यूब?

2004 में ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम- Paypal (अमेरिकन मल्टीनेशनल फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी कंपनी) में काम कर चुके तीन दोस्तों चैड हर्ली, स्टीव चेन, जावेद करीम सैन फ्रांसिस्को में हुई एक डिनर पार्टी में मिले। तीनों ने एक ऑनलाइन डेटिंग सर्विस शुरू करने का प्लान बनाया। 2005 में वैलेंटाइन्स डे पर 14 फरवरी को डोमेन Youtube.com लॉन्च किया गया। इसका पहला ऑफिस एक गैरेज में बनाया गया।

डेटिंग सर्विस फेल हुई तो बन गया वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म

समय गुजरा लेकिन इसमें कोई वीडियो अपलोड नहीं हुआ। आइडिया फेल होने के बाद तीन फाउंडर में से एक जावेद करीम ने 23 अप्रैल 2005 को इसमें पहला वीडियो अपलोड किया। इस वीडियो का टाइटल ‘मी एट द जू’ था। 19 सेकेंड के इस वीडियो में जावेद करीम खुद सैन डिएगो जू में हाथियों पर बात करते दिखे थे।

सितंबर 2005 तक यूट्यूब के पहले वीडियो को 10 लाख से ज्यादा व्यूज मिले थे। आज उस वीडियो पर 26 करोड़ व्यूज और 1.3 करोड़ लाइक्स हैं। जावेद ने ट्रायल के लिए चैनल बनाया था, जिसमें मी एट द जू 18 सालों में अपलोड हुआ इकलौता वीडियो है। बस यहीं से यूट्यूब डेटिंग साइट से वीडियो प्लेटफॉर्म बना।

एक साल में फास्टेस्ट ग्रोइंस साइट बनी

शुरुआती ग्रोथ देखते हुए Paypal के CFO रोएलोफ बोथा ने भी इसमें पैसे लगाए और यूट्यूब को लगातार इन्वेस्टर्स मिलने लगे। लॉन्च होने के महज एक महीने बाद मई 2005 तक Youtube.com में हर दिन 30 हजार से ज्यादा यूजर्स आने लगे, 6 महीने में ही ये संख्या 20 लाख यूजर तक पहुंच गई। 2006 में यूट्यूब फास्टेस्ट ग्रोइंग साइट थी।

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