Zee-सोनी मर्जर को NCLT से मिली मंजूरी
इस डील से जुड़ी सभी आपत्तियां भी खारिज, जी का शेयर करीब 15% चढ़ा
नई दिल्ली . जी एंटरटेन मेंट एंटप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) और सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया (SPN) के मर्जर को गुरुवार (10 अगस्त) को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की मुंबई बेंच से मंजूरी मिल गई है। इसके अलावा इस डील से जुड़ी सभी आपत्तियां भी NCLT ने खारिज कर दी हैं।
NCLT ने सुनवाई पूरी होने के बाद 10 जुलाई को अपना आदेश रिजर्व रखा था। जी और सोनी ने दिसंबर 2021 में मर्जर पर सहमति जताई थी। NSE-BSE और दूसरे रेगुलेटर्स- सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) और कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) से अनुमति मिलने के बाद कंपनी ने ट्रिब्यूनल से मर्जर की आखिरी मंजूरी के लिए संपर्क किया था।
जी का शेयर करीब 15% चढ़ा
इस डील को मंजूरी मिलने की खबर आने के बाद जी का शेयर करीब 15% यानी +36.30 रुपए चढ़कर 278.55 रुपए तक पहुंच गया। पिछले एक महीने में यह शेयर करीब 38% चढ़ा है। वहीं बीते 6 महीने में शेयर ने 24% और पिछले 1 साल में 12% का रिटर्न दिया है।वहीं 2023 में अब तक स्टॉक में करीब 15% की तेजी आई है। वहीं इंडसइंड बैंक के शेयर में भी तेजी देखने को मिल रही है। इसका शेयर 1,428 रुपए के ऊपर कारोबार कर रहा है। यह एक हफ्ते में 3.23% बढ़ा है। बीते 1 साल में ये 34% से ज्यादा बढ़ा है।
क्या है मामला?
इंडसइंड बैंक जी का फाइनेंशियल क्रेडिटर है। इंडसइंड बैंक ने जी पर 83 करोड़ रुपए भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया था। इतना ही नहीं इंडसइंड बैंक ने सोनी-जी मर्जर को लेकर NCLAT में आपत्ति दर्ज कराई थी। इससे सोनी-जी मर्जर में परेशानियां आ रहीं थीं।
क्रेडिटर्स ने क्यों ऐतराज जताया था
एस्सेल ग्रुप (Essel Group) के कई क्रेडिटर्स ने स्कीम में शामिल नॉन-कंपीट क्लॉज के लिए होने वाले पेमेंट को लेकर आपत्तियां जताई थीं। क्लॉज के मुताबिक, एस्सेल ग्रुप की यूनिट एस्सेल मॉरिशस को सोनी ग्रुप की SPE मॉरीशस से नॉन-कंपीट फीस के तौर पर 1,100 करोड़ रुपए मिलने हैं।
एस्सेल ग्रुप के कई क्रेडिटर्स जैसे एक्सिस फाइनेंस लिमिटेड, JC फ्लावर्स एसेट रिकंस्ट्रक्शन, IDBI बैंक, IDBI ट्रस्टीशिप और ई-मैक्स कॉर्प ने इस क्लॉज को क्रेडिटर्स के साथ धोखाधड़ी बताया था।
SEBI ने पुनीत गोयनका को किसी भी लिस्टेड कंपनी में डायरेक्टर की पोजीशन होल्ड करने पर रोक लगा दी थी। SEBI के आदेश के मुताबिक, पुनीत गोयनका और उनके पिता सुभाष चंद्रा पर एस्सेल ग्रुप की कंपनियों के फायदे के लिए जी एंटरटेनमेंट के 200 करोड़ रुपए के फिक्स्ड डिपॉजिट के दुरुपयोग का आरोप है।जी-सोनी का मर्जर क्यों हुआ?
सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया लंबे समय से इंडियन टेलीविजन इंडस्ट्री में हैं। कंपनी ने भारत में 1995 में अपना पहला टीवी चैनल सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन लॉन्च किया था। कंपनी अपने बिजनेस को बहुत ज्यादा एक्सपेंड नहीं कर पा रही थी। वहीं ZEEL ने अपना पहला चैनल जी टीवी 2 अक्टूबर 1992 में लॉन्च किया था।
ZEEL पर लंबे समय से एस्सेल ग्रुप का कंट्रोल था, लेकिन एस्सेल पर अपने खुद के 2.4 अरब डॉलर (17,000 करोड़ रुपए) के कर्ज का बोझ था। दोनों कंपनियों को अब इस मर्जर के बाद बड़ा और डायवर्स ऑडियंस बेस मिलेगा।
मर्जर से दोनों कंपनियों को क्या फायदा होगा?
नई कंपनी के पास 26.7% व्यूअरशिप शेयर होगा। हिंदी सिनेमा में भी 63% हिस्सेदारी हो जाएगी। अभी स्टार-डिज्नी के पास सबसे ज्यादा 18.6% व्यूअरशिप शेयर है। सोनी नेटवर्क को 2.6 लाख घंटे का जी का टेलीविजन कंटेंट मिलेगा। साथ ही अलग-अलग भाषाओं की 4800 से ज्यादा फिल्मों की लाइब्रेरी तक भी पहुंच बन जाएगी।
जी अभी स्पोर्ट्स जॉनर में नहीं है, लेकिन अब उसकी सोनी के 10 स्पोर्ट्स चैनलों तक पहुंच हो जाएगी। इनमें सोनी सिक्स, सोनी टेन 1, सोनी टेन 2 और सोनी 3 और रीजनल चैनल टेन 4 शामिल हैं। मर्जर से इनकी बाजार हिस्सेदारी बढ़ेगी और रेवेन्यू भी। डिजिटल इकोसिस्टम में भी पैठ मजबूत होगी। दोनों मिलकर नेटफ्लिक्स और अमेजन को टक्कर दे पाएंगे।