Dark Mode
नीदरलैंड में सेलेब्रिटीज समेत 1500 प्रदर्शनकारी गिरफ्तार

नीदरलैंड में सेलेब्रिटीज समेत 1500 प्रदर्शनकारी गिरफ्तार

हेग. नीदरलैंड में पुलिस ने शनिवार को 1500 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया। इन लोगों ने सरकार की क्लाइमेट विरोधी नीतियों के खिलाफ हेग शहर के अहम हाईवे ब्लॉक कर दिए थे। प्रदर्शनकारियों में देश के कई बड़े सेलिब्रिटी भी शामिल हैं। पुलिस ने इन्हें खदेड़ने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। हालांकि उसका प्रदर्शनकारियों पर कोई खास असर नहीं पड़ा। अलजजीरा के मुताबिक जब एक प्रदर्शनकारी को हिरासत में लेने की कोशिश की तो उसने पुलिसवाले को ही काट लिया। वहीं पुलिस की तरफ से छोड़ी गई पानी की बौछारों का सामना करने के लिए लोग घर से ही स्विम सूट पहन कर और छाते लेकर आए थे।

7 हजार लोगों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया
रिपोर्ट्स के मुताबिक 'एक्सटिंक्शन रेबेलियन' नाम का संगठन ये प्रदर्शन करवा रहा है। हाल ही में डच यानी नीदरलैंड की सरकार ने फोसिल फ्यूल सब्सिडी की घोषणा की है। जिसके खिलाफ प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे। संगठन ने दावा किया है कि सरकार की क्लाइमेट विरोधी नीतियों के खिलाफ 7 हजार से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, हम तब तक प्रदर्शन करते रहेंगे जब तक पुलिस हमें घसीट कर रास्ते से दूर नहीं कर दे। क्लाइमेट चेंज बड़ा संकट खड़ा कर रहा है। हमें पता है कि ये सब कैसे हो रहा है, इसके बावजूद हमारी सरकारें फोसिल फ्यूल पर सब्सिडी दे रही हैं। यूरोप में क्लाइमेट चेंज लोगों के लिए बड़ी समस्याएं खड़ी कर रहा है। यूरोपीय संघ के मुताबिक इस साल यूरोप में दिसंबर से फरवरी तक औसत तापमान में 1994 के मुकाबले 1.4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है। यूरोप में दिसंबर के अंत और जनवरी की शुरुआत में भी गर्मी रही। यूरोपीय आयोग ने कहा कि 2 जनवरी को पूरे महाद्वीप में तापमान के सैकड़ों रिकॉर्ड टूट गए थे, जिसमें स्विस शहर अल्टडॉर्फ भी शामिल था, जहां तापमान 19.2C तक पहुंच गया था, जो 1864 के बाद से सबसे ज्यादा है।

हवाई जहाजों के खिलाफ हैं एक्सटिंक्शन रेबेलियन ग्रुप
एक्स्टिंक्शन रेबेलियन ग्रुप ने 23 मई को जेनेवा में प्राइवेट जेट्स की बिक्री से जुड़े एक कार्यक्रम में भी प्रदर्शन किया था। संस्था के लोग रनवे पर बैठ गए थे। इसकी वजह से काफी समय तक कार्यक्रम नहीं हो पाया था। संस्था का कहना है कि दुनिया की लगभग 80 फीसदी आबादी ने कभी हवाई जहाज में सफर नहीं किया है। दुनिया के केवल कुछ फीसदी लोग ही इसका इस्तेमाल करते हैं। जो सबसे ज्यादा ग्रीन हाउस गैस एमिशन के लिए जिम्मेदार है। इसलिए इनके इस्तेमाल पर बैन लगना चाहिए।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Comment / Reply From

You May Also Like

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!