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प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) अंतर्गत जिला रिसोर्स पर्सन (डीआरपी) पैनल हेतु आवेदन आमंत्रित

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) अंतर्गत जिला रिसोर्स पर्सन (डीआरपी) पैनल हेतु आवेदन आमंत्रित

चूरू। कृषि विपणन विभाग द्वारा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) अंतर्गत जिला रिसोर्स पर्सन (डीआरपी) के पैनल में सम्मिलित किए जाने हेतु इच्छुक अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। कृषि उपज मण्डी समिति सचिव विशाल ने बताया कि योजना अंतर्गत डीआरपी का मुख्य कार्य खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में नए एवं मौजूदा उद्यमियों को योजना से जोड़ना, उन्हें आवेदन प्रक्रिया में सहयोग देना तथा इकाई स्थापित कराने में मार्गदर्शन प्रदान करना होगा। प्रत्येक स्थापित एग्रो-प्रोसेसिंग यूनिट पर डीआरपी को 20,000 रुपये मानदेय देय होगा, जिसमें से 50 प्रतिशत राशि ऋण स्वीकृति के पश्चात तथा शेष 50 प्रतिशत राशि मशीनरी स्थापित होने पर प्रदान की जाएगी। इच्छुक अभ्यर्थी आवेदन पत्र कृषि उपज मण्डी समिति, चूरू कार्यालय से प्राप्त कर भरकर जमा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि पात्रता हेतु आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष व न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक (ग्रेजुएशन) होना आवश्यक है। आवेदक को आधार कार्ड, पैन कार्ड व बैंक पासबुक की प्रति, शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र आदि आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग उन्नयन योजना के अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में नए एवं मौजूदा उद्यमियों को 35 प्रतिशत पूंजीगत अनुदान (अधिकतम 10 लाख रुपये) प्रदान किया जाता है। योजना के तहत उद्यमियों को निःशुल्क आवेदन सहायता, प्रशिक्षण एवं तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है तथा बैंक से ऋण के साथ 35 प्रतिशत सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जाता है।

यह उद्योग कर सकते हैं स्थापित
योजना अंतर्गत अचार निर्माण, हल्दी प्रसंस्करण, पशु आहार उद्योग, पापड़ निर्माण, मसाला उत्पादन, बड़ी निर्माण, मिर्च पाउडर, ब्रेड एवं बिस्कुट निर्माण, पोहा निर्माण, आटा चक्की उद्योग, चिप्स निर्माण, उपमा निर्माण, मखाना प्रसंस्करण, नूडल्स निर्माण, जैम/जैली निर्माण, गुड़ उत्पादन, फलों के जूस (पैक्ड), साबूदाना निर्माण, धनिया पाउडर, नमकीन/मिक्सचर, पास्ता/मेकोनी निर्माण, मिठाई निर्माण, पॉपकॉर्न निर्माण, दाल मिल, तेल मिल, तिलकुट (गजक) निर्माण, आइसक्रीम निर्माण, ओट्स निर्माण, स्नैक्स निर्माण, पनीर निर्माण, केक निर्माण, चटनी निर्माण, टोस्ट निर्माण, मिल्क प्लांट उद्योग, घी उद्योग आदि उद्योग स्थापित किए जा सकते हैं। अधिक जानकारी एवं आवेदन पत्र प्राप्त करने के लिए इच्छुक अभ्यर्थी कृषि उपज मण्डी समिति, चूरू कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।

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