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ASHA कार्यकर्ता बनीं मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता की पहली कड़ी

ASHA कार्यकर्ता बनीं मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता की पहली कड़ी

जयपुर. जयपुर में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (DMHP) की ओर से मंगलवार को आमेर सैटेलाइट अस्पताल में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें मानसिक स्वास्थ्य आउटरीच कैंप के साथ ASHA कार्यकर्ताओं के लिए प्रशिक्षण सत्र भी रखा गया।

कार्यक्रम का आयोजन जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम जयपुर के जिला नोडल अधिकारी (DNO) डॉ. गजानंद वर्मा के निर्देशन में हुआ। प्रशिक्षण के दौरान ASHA कार्यकर्ताओं को समुदाय में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को समझने और जरूरतमंद लोगों तक समय पर सेवाएं पहुंचाने की भूमिका के बारे में जानकारी दी गई।

शुरुआती लक्षण पहचानने की मिली जानकारी

प्रशिक्षण में Psychiatric Nursing Officer संजय मित्तल ने ‘मन दर्पण अभियान-2’ के निर्धारित मॉड्यूल के अनुसार ASHA कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया। उन्हें बताया गया कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानी कई बार शुरुआती स्तर पर सामान्य व्यवहार में बदलाव या दूसरे संकेतों के रूप में दिखाई दे सकती है।

ASHA कार्यकर्ताओं को ऐसे संकेतों की पहचान करने और जरूरत के अनुसार संबंधित व्यक्ति को उचित स्वास्थ्य सेवा से जोड़ने की प्रक्रिया समझाई गई। इसके साथ ही तनाव की पहचान और तनाव प्रबंधन के व्यावहारिक तरीकों पर भी चर्चा हुई।

आत्महत्या के चेतावनी संकेतों पर भी चर्चा

प्रशिक्षण के दौरान मानसिक रोगों के सामान्य लक्षणों के साथ संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण तरीके से बातचीत करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। आत्महत्या से जुड़े चेतावनी संकेतों की पहचान को भी प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया।

ASHA कार्यकर्ताओं को बताया गया कि समुदाय के बीच लगातार काम करने के कारण वे मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की शुरुआती पहचान में अहम भूमिका निभा सकती हैं। उनकी मदद से जरूरतमंद व्यक्ति को समय रहते स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचाया जा सकता है।

भ्रांतियों और सामाजिक कलंक को दूर करने की अपील

कार्यक्रम में मानसिक रोगों से जुड़े सामाजिक कलंक और गलत धारणाओं को कम करने पर भी जोर दिया गया। ASHA कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया गया कि वे लोगों तक मानसिक स्वास्थ्य के संबंध में सही और वैज्ञानिक जानकारी पहुंचाएं।

मानसिक स्वास्थ्य को लेकर किसी व्यक्ति को अलग नजर से देखने के बजाय उसकी समस्या को समझना और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ सहायता तक पहुंचाना जरूरी बताया गया। समुदाय में जागरूकता बढ़ाने के लिए ASHA कार्यकर्ताओं की भूमिका को महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में रेखांकित किया गया।

आउटरीच कैंप में हुई स्क्रीनिंग और काउंसलिंग

प्रशिक्षण कार्यक्रम के साथ आमेर सैटेलाइट अस्पताल में मानसिक स्वास्थ्य आउटरीच कैंप भी आयोजित किया गया। यहां पहुंचे लोगों की मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की स्क्रीनिंग की गई और जरूरत के अनुसार परामर्श दिया गया।

जिन मरीजों को आगे उपचार या विशेषज्ञ मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता थी, उन्हें उचित रेफरल की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। इससे लोगों को स्थानीय स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारी मिलने के साथ आगे की सहायता का रास्ता भी मिला।

DMHP जयपुर की ओर से ‘मन दर्पण अभियान-2’ के तहत इस तरह की गतिविधियां लगातार आयोजित की जा रही हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान, उपचार और सेवाओं की पहुंच को मजबूत करना है, ताकि समुदाय में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता और मदद लेने की प्रवृत्ति दोनों बढ़ सकें।

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