बाड़मेर : वृहद स्तर पर पौधारोपण के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश
- जालीपा मिलिट्री स्टेशन में आयोजित हुआ जिला स्तरीय वन महोत्सव
- सेना की सहभागिता के साथ 25 हैक्टेयर भूमि में 10 हजार से अधिक पौधे लगाए
बाड़मेर। हरियालो राजस्थान एवं एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत सोमवार को जालीपा मिलिट्री स्टेशन में जिला स्तरीय वन महोत्सव के तहत वृहद स्तर पर पौधारोपण किया गया। इस दौरान सेना के अधिकारियों एवं जवानों के साथ उनके परिजनों, वायुसेना, सीमा सुरक्षा बल, जन प्रतिनिधियों, जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों तथा विद्यार्थियों ने पौधारोपण में शिरकत की। उन्होंने बाड़मेर जिले को हरा भरा बनाने के लिए पौधारोपण में सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया। जालीपा मिलिट्री स्टेशन में जीओसी गोल्डन कटार डिविजन, स्टेशन कमांडर, चौहटन विधायक आदूराम मेघवाल, जिला कलक्टर टीना डाबी, वन संरक्षक जी.के. वर्मा, पुलिस अधीक्षक नरेन्द्रसिंह मीना, उपवन संरक्षक श्रीमती सविता दहिया, प्रशिक्षु आईएएस छायासिंह, समाजसेवी अनंतराम विश्नोई, स्वरूपसिंह खारा, दीपक कड़वासरा, यूआईटी सचिव श्रवणसिंह राजावत, उपखंड अधिकारी वीरमाराम, कोषाधिकारी जसराज चौहान, रमेशसिंह इंदा समेत विभिन्न जन प्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों तथा विद्यार्थियों ने पौधारोपण किया। इस अवसर पर चौहटन विधायक आदूराम मेघवाल ने कहा कि पेड़ पौधे धरती का श्रृंगार है। बाड़मेर के लोग पेड़ पौधो के साथ पानी की कीमती जानते है। उन्होंने कहा कि खेजड़ली में अमृतादेवी के नेतृत्व में पेड़ पौधों की रक्षा के लिए बलिदान दिया गया। विधायक मेघवाल ने कहा कि राजस्थान को हरा भरा बनाने के लिए हरियालो राजस्थान एवं एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत आमजन अधिकाधिक पौधारोपण करें। समाजसेवी अनंतराम विश्नोई ने कहा कि हम प्रकृति को क्या देते है, इस पर मनन करने की जरूरत है। उन्होंने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत अधिकाधिक पेड़ लगाने एवं उनकी सार संभाल करने का अनुरोध किया। समाजसेवी दीपक कड़वासरा ने कहा कि बाड़मेर में पौधारोपण की वजह से पिछले कुछ वर्षों में बारिश के साथ वातावरण में खासा बदलाव आया है। उन्होंने हरियालो राजस्थान में सहभागिता निभाने एवं प्रकृति के संरक्षण के लिए वृहद स्तर पर पौधारोपण करने का अनुरोध किया। समाजसेवी स्वरूपसिंह खारा ने कहा कि सघन पौधारोपण के जरिए ग्लोबल वार्मिग एवं तापमान में बढोतरी जैसी समस्याओं का समाधान हो सकेगा। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विविध पहलूओं से अवगत कराते हुए कहा कि जाबाज वीर सैनिकों की बदौलत आने वाले समय में यह इलाका जंगल के रूप में तब्दील होगा। उपवन संरक्षक श्रीमती सविता दहिया ने जिला स्तरीय वन महोत्सव में भागीदारी के लिए सबका आभार जताते हुए कहा कि वन विभाग की ओर से वृहद स्तर पर पौधारोपण करवाया जाएगा। बाड़मेर जिले में वन विभाग की ओर से 2 हजार हैक्टेयर में 9 लाख पौधे लगाए जाएंगे। इसमें विभिन्न विभागों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मुकेश पचौरी ने किया। इस दौरान उपस्थित संभागियों ने अधिकाधिक पौधे लगाने एवं उनकी सार संभाल करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम की शुरूआत में आमजन को अधिकाधिक पौधारोपण एवं पर्यावरण जागरुकता का संदेश देने के लिए विद्यार्थियों की ओर से रैली निकाली गई। इसमें विद्यार्थी हाथ में तिरंगा लिए एवं तिरंगे के रंग की टोपी पहनकर शामिल हुए। इनको अल्पाहार, कपड़े के बैग और पौधे वितरण किए गए।
इनकी रही भागीदारी- जिला स्तरीय वन महोत्सव के दौरान पौधारोपण में सेना, सीमा सुरक्षा बल, वायु सेना, जिला प्रशासन, वन विभाग, पुलिस समेत विभिन्न विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों, केयर्न ऑयल एंड गैस, सिविल डिफेंस स्वयंसेवक, एनसीसी कैडेटस, स्काउट, केन्द्रीय विद्यालय जालीपा समेत विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने शिरकत की। जिला स्तरीय वन महोत्सव के तहत जालीपा सैन्य क्षेत्र में 25 एकड़ जमीन पर नीम, करंज, गुलमोहर, शीशम, जाल सहित विभिन्न किस्मों के 10 हजार से अधिक पौधे लगाए गए। यहां पर 12500 पौधे लगाए जाने प्रस्तावित है। वन विभाग की तरफ से एसीएफ छोटूसिंह भाटी और श्रीमती मांगी चौधरी चौधरी और वन रक्षक स्वरूपसिंह ने कार्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पौधारोपण में सेना ने दिखाया उत्साह- जिला स्तरीय वन महोत्सव में पौधारोपण के लिए सेना की सक्रिय भागीदारी रही। सेना एवं वन विभाग की ओर से पौधारोपण के लिए 25 हैक्टेयर भूमि तैयार की गई। यहां पर कंटीली झांडियां उगी हुई थी। नील गायों से पौधो को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए सुरक्षात्मक बाड़ लगाई गई। इस पहल में सैन्य अधिकारियों एवं जवानों के साथ उनके परिजनों की भागीदारी ने पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास में सेना की मजबूत प्रतिबद्धता को साकार किया।