महिला आरक्षण पर भाजपा सरकार का दोहरा खेल उजागर : अशोक गहलोत
जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर केंद्र की एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि पूर्व में पारित हो चुके महिला आरक्षण कानून को रोकने के लिए लाया गया यह नया विधेयक एक सोचा-समझा षड्यंत्र साबित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं गृह मंत्री अमित शाह सहित पूरी सरकार को यह भली-भांति ज्ञात था कि विपक्ष के सहयोग के बिना इतना महत्वपूर्ण विधेयक पारित नहीं हो सकता, इसके बावजूद विपक्षी दलों को विश्वास में लेने का कोई गंभीर प्रयास नहीं किया गया। अशोक गहलोत ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे लगातार सर्वदलीय बैठक की मांग करते रहे, लेकिन प्रधानमंत्री ने सभी दलों को एक मंच पर बुलाकर संवाद करने के बजाय अलग-अलग बातचीत कर राजनीतिक फूट डालने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिला सशक्तिकरण के प्रति गंभीर होती, तो दक्षिण भारत के राज्यों एवं पश्चिम बंगाल की आशंकाओं को दूर करने हेतु वहां के मुख्यमंत्रियों से सामूहिक चर्चा की जाती।
परिसीमन पर उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि एनडीए सरकार द्वारा लाया गया यह विधेयक परिसीमन के नाम पर भी खतरनाक संकेत देता है।विपक्षी दलों पर निशाना: असम एवं जम्मू-कश्मीर में जिस प्रकार परिसीमन की प्रक्रिया के जरिए विपक्षी दलों को निशाना बनाया गया, उसके बाद केंद्र सरकार की नीयत पर सवाल उठना स्वाभाविक है।चुनावी हथकंडा: उन्होंने कहा कि भाजपा ने विधानसभा चुनावों के बीच संसद सत्र बुलाकर जानबूझकर ऐसी परिस्थितियां निर्मित कीं, जिससे विधेयक पारित न हो सके और इसका दोष विपक्ष पर मढ़ा जा सके।
कांग्रेस का विजन और ऐतिहासिक योगदान
अशोक गहलोत ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण की सबसे बड़ी समर्थक रही है। उन्होंने महिलाओं के राजनीतिक नेतृत्व का श्रेय कांग्रेस को देते हुए कहा:"पिछले तीन दशकों में लाखों महिलाओं को जमीनी स्तर की राजनीति में नेतृत्व का अवसर देने का श्रेय स्वर्गीय राजीव गांधी और कांग्रेस पार्टी को जाता है, जिन्होंने पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण की ऐतिहासिक पहल की थी।"
प्रमुख उपलब्धियां और भाजपा पर तंज
उन्होंने स्मरण कराया कि देश को पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, पहली महिला राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, तथा पहली महिला लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार देने का गौरव कांग्रेस पार्टी को ही प्राप्त है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा आज तक अपनी राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में किसी महिला को स्थापित नहीं कर सकी है। अशोक गहलोत ने अंत में कहा कि महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर राजनीति नहीं, बल्कि सर्वसम्मति और संवैधानिक मर्यादा के साथ आगे बढ़ना चाहिए, ताकि देश की महिलाओं को उनका वास्तविक अधिकार मिल सके।