चुनावी हार के बाद ब्राजील में सियासी हलचल, फ्लावियो बोल्सोनारो के अमेरिका पहुंचने की खबर
मियामी। ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव के बाद राजनीतिक तनाव एक बार फिर चर्चा में है। पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे और सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो के अमेरिका पहुंचने की खबर सामने आई है। मियामी के स्थानीय मीडिया के मुताबिक, 45 वर्षीय फ्लावियो मंगलवार को फ्लोरिडा पहुंचे, जहां उनके भाई एडुआर्डो बोल्सोनारो ने उनका स्वागत किया। एडुआर्डो पिछले साल से अमेरिका में रह रहे हैं और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पक्ष में पैरवी करते रहे हैं।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब फ्लावियो ने चुनाव में अपनी हार स्वीकार करने से इनकार किया था। दूसरी ओर, मौजूदा राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा ने 51.8 प्रतिशत वोट हासिल कर चौथी बार जीत दर्ज की। उनकी जीत को ब्राजील में दक्षिणपंथी राजनीति के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। लूला लंबे समय से ट्रंप की नीतियों और राजनीतिक रुख के आलोचक रहे हैं।
पासपोर्ट जमा करने के आदेश के बीच विदेश जाने की खबर
फ्लावियो के अमेरिका पहुंचने की खबरों ने इसलिए भी सवाल खड़े किए हैं, क्योंकि चुनाव में हार के बाद उनके देश छोड़ने पर रोक लगाए जाने और सभी पासपोर्ट जमा करने का आदेश दिए जाने की बात सामने आई थी। यह आदेश ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एलेक्जेंड्रे डी मोरेस ने जारी किया था। इससे पहले उन्होंने फ्लावियो के पिता जायर बोल्सोनारो के खिलाफ कथित तख्तापलट की कोशिश से जुड़े मामले की सुनवाई भी की थी।
फ्लावियो ने सोशल मीडिया पर साझा एक वीडियो में बताया था कि वह ब्रासीलिया में नजरबंद अपने पिता से मिलकर लौटे थे, तभी संघीय पुलिस ने उन्हें आदेश सौंपा। उनके मुताबिक, यह कार्रवाई उनके भाई एडुआर्डो के एक अमेरिकी पॉडकास्ट में दिए गए साक्षात्कार के आधार पर की गई थी। उस बातचीत में चुनाव हारने की स्थिति में ब्राजील छोड़ने की सलाह दिए जाने की बात सामने आई थी।
हालांकि, फ्लावियो ने इस बात से इनकार किया कि उन्होंने देश छोड़ने की कोई योजना बनाई थी। ब्राजील में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और कर चोरी जैसे मामलों में भी जांच चल रही है।
वीजा को लेकर भी स्थिति साफ नहीं
इस पूरे मामले में अमेरिका की भूमिका को लेकर भी चर्चा है। इससे पहले अमेरिकी विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बयान दिया था कि फ्लावियो और उनके परिवार को वीजा दिया जाएगा। हालांकि, फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
फ्लावियो के मैनेजर ने भी उनके अमेरिका जाने की खबर पर हैरानी जताई। उन्होंने बताया कि सुबह फ्लावियो का संदेश आया था, जिसमें उन्होंने बाद में बात करने की बात कही थी। इसके बाद उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
लूला ने बताया शर्मनाक कदम
फ्लावियो के अमेरिका पहुंचने की खबर पर राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति चुपचाप अपना देश छोड़कर चला जाता है, उसके पास छिपाने के लिए कुछ हो सकता है। लूला ने इस कदम को शर्मनाक बताया।
गौरतलब है कि फ्लावियो के पिता जायर बोल्सोनारो भी 2022 के राष्ट्रपति चुनाव में लूला से हारने के बाद अमेरिका चले गए थे। उन्हें तख्तापलट की साजिश से जुड़े मामले में 27 साल की जेल की सजा सुनाई गई है। ऐसे में फ्लावियो के अमेरिका पहुंचने की खबर ने ब्राजील की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। हालांकि, उनके विदेश जाने की परिस्थितियों और कानूनी स्थिति को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।