नेतन्याहू के समर्थन में ट्रंप का दावा, चुनावी आंकड़ों पर टिकी नजरें
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के समर्थन में दिए अपने बयान को लेकर बड़ा दावा किया है। ट्रंप के मुताबिक, उनके समर्थन के बाद नेतन्याहू की चुनावी स्थिति में बदलाव आया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि जिस मुकाबले में नेतन्याहू की हार की आशंका जताई जा रही थी, वह अब कहीं अधिक प्रतिस्पर्धी नजर आ रहा है।
ट्रंप ने अपनी पोस्ट में इर्विंग सी. श्वार्ट्ज के हवाले से कहा कि नेतन्याहू के समर्थन में अमेरिकी राष्ट्रपति की घोषणा के बाद चुनावी तस्वीर बदल गई। पोस्ट में दावा किया गया कि नेतन्याहू ने मुकाबले में बराबरी हासिल कर ली है या उनके लिए नतीजे अनुकूल हो सकते हैं। हालांकि, यह ट्रंप की ओर से किया गया राजनीतिक दावा है और इससे उनके समर्थन के वास्तविक चुनावी प्रभाव की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं होती।
शुरुआती मतगणना में क्या तस्वीर बनी?
इजरायल के केंद्रीय चुनाव आयोग के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, सुबह 5:58 बजे तक 41.9 प्रतिशत मतपेटियों की गिनती पूरी हो चुकी थी। उस समय उपलब्ध आंकड़ों में नेतन्याहू समर्थक खेमे को 57 सीटें, जबकि विरोधी खेमे को 47 सीटें मिल रही थीं। मुख्य रूप से अरब दलों वाले जॉइंट लिस्ट और राम गुटों के खाते में संयुक्त रूप से 16 सीटें दर्ज थीं।
ये आंकड़े शुरुआती दौर के हैं और मतगणना पूरी होने के बाद सीटों का गणित बदल सकता है। इसलिए फिलहाल इन्हें अंतिम चुनाव परिणाम नहीं माना जा सकता। सैनिकों के मतों सहित दोहरे लिफाफों में डाले गए कुछ मतों की गिनती भी बाद में की जाती है।
कई दलों के लिए सीमा पार करना चुनौती
शुरुआती आंकड़ों में कुछ राजनीतिक दल संसद में प्रतिनिधित्व के लिए जरूरी न्यूनतम मत प्रतिशत से नीचे दिखाई दिए। इनमें रिजर्विस्ट्स को 2.7 प्रतिशत, पीपल ऑफ इजरायल को 1.8 प्रतिशत और चारेदी पब्लिक को 0.3 प्रतिशत मत मिले थे।
इजरायल की संसद नेसेट में प्रवेश के लिए किसी दल को कम से कम 3.25 प्रतिशत वोट हासिल करना जरूरी होता है। ऐसे में इन दलों के अंतिम मत प्रतिशत पर भी नजर रहेगी। मतगणना आगे बढ़ने के साथ उनकी स्थिति में बदलाव संभव है।
अंतिम नतीजों से साफ होगी राजनीतिक स्थिति
इजरायल की चुनावी तस्वीर समझने के लिए केवल शुरुआती सीटों का आंकड़ा पर्याप्त नहीं है। अंतिम परिणाम, विभिन्न दलों की सीटें और संभावित गठबंधन की स्थिति सरकार गठन की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
ट्रंप ने अपने समर्थन को नेतन्याहू की स्थिति में सुधार से जोड़ा है, लेकिन इस दावे का आकलन अंतिम चुनाव परिणामों और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही किया जा सकेगा। फिलहाल, मतगणना पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इजरायल की संसद में अलग-अलग राजनीतिक खेमों की वास्तविक स्थिति क्या बनती है।