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CJP का थाने पर प्रदर्शन, 2800 आरोपियों पर कार्रवाई का सवाल

CJP का थाने पर प्रदर्शन, 2800 आरोपियों पर कार्रवाई का सवाल

नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित मारपीट का मामला एक बार फिर चर्चा में है। मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेता और कार्यकर्ता पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे। इस दौरान निशु आजाद भी अपने पिता के लिए न्याय की मांग को लेकर थाने पहुंचीं।

सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि जंतर-मंतर पर उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था, लेकिन इसी दौरान हिंसा की घटना हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में अब तक पुलिस की कार्रवाई संतोषजनक नहीं रही है। दास ने कहा कि संगठन शुरुआत से ही छात्रों और प्रभावित परिवार के साथ खड़ा है और आगे भी न्याय की मांग करता रहेगा।

सौरव दास ने पुलिस से कथित तौर पर हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि दिल्ली में कथित तौर पर गंभीर आपराधिक गतिविधियों से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।

उन्होंने कहा कि यदि जंतर-मंतर की घटना में शामिल लोगों ने गंभीर अपराध किया है तो उनकी पहचान कर कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए। दास ने इसी संदर्भ में दिल्ली पुलिस द्वारा 2,800 से ज्यादा कथित गंभीर अपराधियों की पहचान किए जाने का मुद्दा उठाया और पूछा कि ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही।

सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय आजाद के सिर पर हमला किया गया और उन्हें चोट पहुंची। उन्होंने कहा कि संगठन की ओर से दिल्ली पुलिस से लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी और गंभीर धाराओं में मामला दर्ज करने की मांग की जाती रही है।

रांका ने दावा किया कि घटना से जुड़े एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर वायरल एक पॉडकास्ट क्लिप में संजय आजाद के सिर पर वार करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि यदि यह दावा सही है तो पुलिस को मामले की जांच कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई करनी चाहिए।

दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल एक पॉडकास्ट क्लिप में स्वतंत्र भारद्वाज नाम के व्यक्ति के कथित बयान का हवाला देते हुए सीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि उसने संजय आजाद के सिर पर वार करने का दावा किया है। साथ ही, क्लिप में राजनीतिक प्रभाव के कारण अपने खिलाफ बड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं होने की बात कहे जाने का भी दावा किया गया है।

इसी कथित वीडियो के सामने आने के बाद सौरव दास, आशुतोष रांका और सीजेपी के अन्य कार्यकर्ता पटेल चौक से संसद मार्ग थाने पहुंचे। नेताओं ने मांग की कि वीडियो में जिन लोगों ने कथित तौर पर अपनी भूमिका स्वीकार की है, उनकी पहचान कर जांच की जाए और दोष साबित होने पर संबंधित कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए।

सीजेपी नेताओं ने यह भी मांग रखी कि मामले में निष्पक्ष जांच हो और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की जिम्मेदारी है।

फिलहाल, इस पूरे मामले में सीजेपी की ओर से लगाए गए आरोपों और वायरल वीडियो में किए गए कथित दावों की स्वतंत्र पुष्टि का उल्लेख सामने नहीं आया है। ऐसे में मामले में पुलिस की जांच और आधिकारिक कार्रवाई से आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

 

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