अमेरिका डील पर कांग्रेस का हमला, किसानों पर संकट?
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अमेरिका व्यापार समझौता पर कांग्रेस का तीखा विरोध
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किसानों के नुकसान की आशंका जताई
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कृषि आयात से बाजार पर दबाव का दावा
नई दिल्ली। भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला है। पार्टी का कहना है कि प्रस्तावित शर्तें देश के किसानों, कृषि बाजार और जैविक विविधता के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं।
पार्टी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने नई दिल्ली में प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि समझौते के तहत अमेरिका से कृषि उत्पादों के शुल्क मुक्त आयात का रास्ता खुल सकता है। उनका कहना है कि इससे मक्का, ज्वार और सोयाबीन जैसे उत्पादों में भारतीय किसानों को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा।
कांग्रेस के मुताबिक कपास व्यापार से जुड़े प्रावधान भी घरेलू उद्योग के लिए चिंता का विषय हैं। पार्टी ने दावा किया कि अमेरिकी कपास के बढ़ते आयात से देश के कपास उत्पादक किसानों और वस्त्र उद्योग केंद्रों पर असर पड़ सकता है।
सुरजेवाला ने यह भी आशंका जताई कि प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों के आयात से बीज शुद्धता और जैविक विविधता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि गैर-व्यापार अवरोध हटाने का दबाव किसानों की सब्सिडी और नीतिगत संरक्षण को कमजोर कर सकता है।
कांग्रेस ने सरकार से इस समझौते की शर्तों पर पुनर्विचार करने की मांग की है और कहा है कि किसी भी व्यापार नीति में किसानों के हित सर्वोपरि होने चाहिए।