भाजपा जोधपुर देहात में मिल रही कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता
जोधपुर। गत 8 जुलाई जिला अध्यक्ष त्रिभुवन सिंह भाटी ने जोधपुर देहात दक्षिण कार्यकारिणी की घोषणा करी तो देखा की कई कांग्रेस पृष्ठभूमि के कार्यकर्ताओं को उन्होंने जगह दी है जिसमें उपाध्यक्ष के तौर पर जयकिशन पंचारिया, मधु सिंह एवं ओमप्रकाश चोटिया एवं महामंत्री के तौर पर रामचंद्र सियाग को सम्मिलित किया है। यह सभी गत वर्षों में कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता रहे हैं। संगठना के साथ इन्हें सरकारी नियुक्ति में भी जगह दी जा रही है हाल ही में रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति जोधपुर को उतर पश्चिम रेलवे मंडल जोधपुर की संस्तुति द्वारा उक्त समिति का प्रतिनिधित्व मनोनीत करने में प्राथमिकता दी गई। भारतीय जनता पार्टी अपनी कार्यशैली के लिए जानी जाती है। इनकी कार्यशैली के अनुसार जो व्यक्ति कम से कम 6 वर्ष तक पार्टी का सक्रिय सदस्य रहा है उसे ही जिले की कार्यकारिणी में स्थान दिया जाता है। जबकि जोधपुर देहात की कार्यकारिणी इस कार्यशैली के अनुसार कतई नजर नहीं आ रही है। पूर्व पदाधिकारी एवं भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ताओ ने प्रदेश अध्यक्ष एवं शीर्ष नेतृत्व को इस विषय में अवगत कराया था मगर उसका भी कोई ठोस परिणाम नहीं निकला। भाटी का स्पष्ट कहना है कि उन्होंने जिले की कार्यकारिणी स्थानीय जनप्रतिनिधि के सुझाए गए नाम के अनुसार बनाई हैं। विधानसभा चुनाव से पूर्व पांच वर्षों में जब भाजपा विपक्ष में संघर्ष कर रही थी उस समय पार्टी के प्रमुख चेहरे जैसे डॉ सोहन चौधरी, रावतराम बिंजरिया, भगवान सिंह, लक्ष्यराज खत्री, कालू सिंह एवं रमेश बिश्नोई को नजर अंदाज करने से पार्टी के कार्यकर्ता बहुत आश्चर्य चकित एवं असंतुष्ट हैं। पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी करने का परिणाम भी पंचायत के उपचुनाव में नजर आ रहा है, हाल ही में हुए गंगानी उपचुनाव में भाजपा के उम्मीदवार को मात्र 294 मत प्राप्त हुए और वह तीसरे स्थान पर रहा। जबकि यह क्षेत्र दो जिला उपाध्यक्ष एवं जिला महामंत्री का ग्रह क्षेत्र है। इस परिणाम को देख कर कार्यकर्ता यह सवाल उठा रहे है कि कांग्रेस की पृष्ठभूमि से आने वाले कार्यकर्ता जिन्हें कार्यकारणी में स्थान मिला है वह आज भी कांग्रेस के लिए अपना समर्पण दिखा रहे हैं। गंगानी के टिकट वितरण में भाजपा के स्थानीय मंडल अध्यक्ष भी जिला नेतृत्व से नाखुश है, उनका कहना है कि टिकट वितरण से पहले उनसे परामर्श नहीं किया गया। सिर्फ चुनाव परिणाम में नहीं भाटी संगठन गतिविधियों में भी विफल साबित होते नजर आ रहे हैं उनकी नवीन कार्यकारणी बनने के पश्चात जो भी कार्यक्रम प्रदेश नेतृत्व द्वारा निर्धारित किए गए उन कार्यक्रमों को भी जोधपुर देहात में क्रियान्वित करने में विफल रहे। भाजपा के प्रदेश नेतृत्व ने मंडल अध्यक्ष की नियुक्ति हेतु अधिकतम आयु 45 वर्ष निर्धारित करी हुई है मगर भाटी द्वारा की गई मंडल अध्यक्ष की नियुक्ति में कई मंडल अध्यक्ष की आयु 55 वर्ष से भी अधिक है।भाटी के इस निर्णय को देखकर भी कार्यकर्ताओं में असंतोष है कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की भी पालना नहीं की जा रही है।सुर्खियों से मिली जानकारी के अनुसार जिला अध्यक्ष भाटी ने पद नियुक्ति में आर्थिक रूप से सक्षम व्यक्तियों को स्थान दिया है। वर्षों से संघर्ष कर रहे भाजपा के मूल कार्यकर्ता और नेताओं की अनदेखी एवं नाराजगी से आगामी पंचायत एवं जिला परिषद चुनाव में भाजपा को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता हैं।