Dark Mode
नेपाल बाढ़ में मौतों का आंकड़ा 1,344 पहुंचा

नेपाल बाढ़ में मौतों का आंकड़ा 1,344 पहुंचा

काठमांडू। नेपाल में पिछले सप्ताह आई विनाशकारी बाढ़ के बाद हालात अभी भी बेहद गंभीर बने हुए हैं। अलग-अलग इलाकों से लगातार शव मिलने के कारण मृतकों की संख्या बढ़ती जा रही है। नेपाल पुलिस के मुताबिक, शनिवार सुबह 8 बजे तक 1,344 शव बरामद किए जा चुके हैं।

आपदा में बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार 4,886 लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, जिनमें 606 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में मृतकों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

बाढ़ का सबसे ज्यादा असर मध्य नेपाल में भोटेकोशी और त्रिशूली नदी प्रणालियों के आसपास दिखाई दिया है। तेज बहाव ने घरों, सड़कों और दूसरी संपत्तियों के साथ-साथ बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचाया है।

लापता लोगों को लेकर सबसे बड़ी चिंता उन हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को लेकर है, जो इन दोनों नदी कॉरिडोर के आसपास स्थित हैं। अधिकारियों को आशंका है कि कई लोग 11 जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे हो सकते हैं। इन स्थानों पर बचाव अभियान लगातार चलाया जा रहा है।

शुक्रवार को रसुवा जिले में 60 मेगावाट क्षमता वाले अपर त्रिशूली-3ए प्रोजेक्ट की एक सुरंग से दो लोगों को जिंदा बाहर निकाल लिया गया। इस घटना से बचाव टीमों को मुश्किल परिस्थितियों के बीच उम्मीद भी मिली है।

सरकार का कहना है कि लापता लोगों की तलाश के साथ-साथ बरामद शवों को बाहर निकालने, उनकी पहचान करने और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने का काम भी जारी है। सुरक्षा एजेंसियों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खोज और बचाव अभियान को और तेज कर दिया है।

अब तक 8,962 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। इनमें 1,552 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। प्रशासन की प्राथमिकता अभी ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकालना और लापता लोगों का पता लगाना है।

शवों की पहचान के लिए डीएनए सैंपल जुटाने का काम भी तेज किया गया है। पुलिस के अनुसार 1,260 मृतकों और उनके 1,012 रिश्तेदारों के नमूने लिए गए हैं। इस तरह कुल 2,272 डीएनए सैंपल एकत्र किए जा चुके हैं।

नेपाल पुलिस ने राहत और बचाव अभियान में 7,912 कर्मियों को लगाया है। इस आपदा में पुलिस के 65 कर्मियों की भी जान गई है, जबकि 25 पुलिसकर्मी अभी तक लापता बताए जा रहे हैं।

बाढ़ से भोटेकोशी और त्रिशूली नदी प्रणालियों के आसपास सार्वजनिक ढांचे के साथ निजी संपत्तियों को भी भारी नुकसान हुआ है। नेपाल सरकार का फोकस फिलहाल राहत और बचाव पर है, लेकिन अभियान पूरा होने के बाद प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण के लिए अंतरराष्ट्रीय सहायता मांगे जाने की तैयारी है।

Comment / Reply From

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!