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ट्रंप का दावा- होर्मुज पर अमेरिका का मजबूत नियंत्रण

ट्रंप का दावा- होर्मुज पर अमेरिका का मजबूत नियंत्रण

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ अमेरिका के मौजूदा टकराव को ‘पूर्ण युद्ध’ कहने से इनकार किया है। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने इसे ‘मिलिट्री कॉन्फ्लिक्ट’ यानी सैन्य संघर्ष बताया और कहा कि अमेरिकी कार्रवाई लगातार चलने वाले बड़े युद्ध जैसी नहीं है।

ट्रंप ने कहा कि दोनों देशों के बीच समय-समय पर हमले हुए हैं, लेकिन फिलहाल लगातार लड़ाई नहीं चल रही। उन्होंने इस दौरान 18 अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने की बात भी कही, हालांकि इसकी तुलना वियतनाम और अफगानिस्तान जैसे लंबे अमेरिकी सैन्य अभियानों से करने से इनकार किया।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने अभियान का बचाव करते हुए कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोक दिया गया है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर ‘पिकएक्स’ नाम की जगह पर दोबारा कोई गतिविधि दिखाई देती है, तो अमेरिका वहां फिर हमला कर सकता है। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका ईरान में होने वाली गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ट्रंप ने बेहद बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर अमेरिका का नियंत्रण मजबूत है। उनके अनुसार, अमेरिकी सेना ने जलडमरूमध्य की सुरक्षा से जुड़े ईरानी रडार, विमान और अन्य सैन्य उपकरणों को नष्ट किया है।

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी माइनस्वीपर्स ने होर्मुज से बारूदी सुरंगों को हटाया है और अब इस रास्ते से तेल की खेप गुजर रही है। उन्होंने कहा कि जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नियंत्रण पहले की तुलना में काफी मजबूत स्थिति में है।

राष्ट्रपति ने अपने सैन्य अभियान के प्रभाव को बताते हुए यहां तक दावा किया कि अमेरिका ने वेनेजुएला पर कब्जा किया और वास्तव में ईरान पर भी कब्जा कर लिया है। हालांकि, उन्होंने टकराव खत्म करने के लिए कोई निश्चित समय-सीमा नहीं बताई।

ट्रंप का कहना है कि हालिया अमेरिकी हमलों के बाद कई दिनों से कोई गोलीबारी नहीं हुई है। उन्होंने दावा किया कि अगर अमेरिका अभी अपना ऑपरेशन रोक देता है, तब भी ईरान को दोबारा मजबूत होने में करीब 25 साल लग सकते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह चाहते हैं कि मामला जल्द खत्म हो, ताकि भविष्य में अगले राष्ट्रपति को इसकी चिंता न करनी पड़े।

चीन की भूमिका पर पूछे गए सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा कि उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से व्यक्तिगत तौर पर इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करने का आग्रह किया था। उनके मुताबिक, चीन की इस पूरे घटनाक्रम में भागीदारी फिलहाल बहुत सीमित है।

ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य के महत्व का जिक्र करते हुए कहा कि चीन को इस रास्ते से बड़ी मात्रा में तेल की आपूर्ति मिलती है। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि मध्य पूर्व में बन रही नई पाइपलाइनों और अन्य जमीनी रास्तों के कारण इस समुद्री मार्ग पर निर्भरता भविष्य में कम हो सकती है।

अमेरिकी राष्ट्रपति के इन बयानों के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य एक बार फिर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और पश्चिम एशिया की सुरक्षा को लेकर चर्चा के केंद्र में है।

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