भाईचारा तोडऩे की कोशिश करने वाली ताकतों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग
सीकर। माकपा व संयुक्त किसान मोर्चा ने निकाला शांतिमार्च,भाईचारा तोडऩे की कोशिश करने वाली ताकतों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग।
धार्मिक व जातीय आधार पर देश में पिछले कुछ सालों से विघटनकारी ताकतों के नफरत भरे दुष्प्रचार से देश के विभिन्न हिस्सों में हो रही हत्याओं व दंगों पर गहरी चिंता प्रकट करते हुए सीकर में आज सामाजिक संगठनों व प्रबुद्धजनों द्वारा शांति मार्च निकाला गया। जनवादी लेखक संघ के बृजसुंदर जांगिड़ ने इस संबंध में प्रेस बयान जारी करते हुए बताया कि किशन सिंह ढाका स्मृति भवन से दोपहर बाद शांति मार्च शुरू हुआ जो शहर से मुख्य मार्गो से होता हुआ जिला कलेक्ट्रेट पहुंचा। वहां सभा को संबोधित करते हुए माकपा जिला सचिव कामरेड किशन पारीक ने कहा कि मणिपुर के बाद अब मेवात में सांप्रदायिक ताकतों द्वारा हिंसा फैलाने की साजिश रची गई इसमें 6 जनों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा, जिसमें दो होमगार्ड के जवान भी शामिल हैं।
धोद के पूर्व प्रधान उस्मान खान ने कहा कि मुंबई में जिस तरह से चलती ट्रेन में एक सिपाही द्वारा एक समुदाय विशेष के तीन व्यक्तियों की गोली मारकर हत्या की गई वह बहुत ही चिंतनीय है, धार्मिक आधार पर राजनीति बंद होनी चाहिए उन्होंने कहा इस मामले में कांग्रेस भी कम दोषी नहीं है अभी तक नासिर और जुनैद के हत्यारे पकड़े नहीं गए हैं। सभा को भारतीय किसान यूनियन (टिकेत)के जिला अध्यक्ष दिनेश जाखड़, ऊंकार मूण्ड, अब्दुल कयूम कुरेशी,रामप्रसाद शर्मा, झाबर सिंह काजला, इफ्तेखार आलम, सनवर चौहान ,दाऊद ,रामचंद्र दुगोली, महावीर सिंह ,सुरेंद्र आंतरी सहित कॉपी संख्या में लोग मौजूद रहे वक्ताओं ने मणिपुर में शांति बहाल करने ,दंगाइयों को सजा देने व भाईचारा बनाए रखने की मांग की।