कचरा प्रबंधन पर जिला कलक्टर सख्त, अधिकारियों को दिए अहम निर्देश
चित्तौड़गढ़। जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और जिले के सभी नगरीय निकायों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य नियमों के तहत निर्धारित प्रावधानों की शत-प्रतिशत पालना सुनिश्चित करना और स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना रहा।
जिला कलक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कचरे का स्रोत स्तर पर पृथक्करण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही घर-घर कचरा संग्रहण, गीले और सूखे कचरे का अलग-अलग परिवहन, वैज्ञानिक तरीके से कचरे का प्रसंस्करण और सुरक्षित निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रभावी नियंत्रण और बड़े स्तर पर कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थानों (बल्क वेस्ट जनरेटर्स) द्वारा नियमों की पूर्ण पालना सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। अधिकारियों से कहा गया कि सभी संबंधित संस्थानों की नियमित निगरानी की जाए और नियमों के उल्लंघन पर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
बैठक में जिला कलक्टर ने आमजन को स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है और जनभागीदारी के बिना इस अभियान को सफल नहीं बनाया जा सकता।
डॉ. मंजू ने सभी नगरीय निकायों को नियमित निरीक्षण, सतत मॉनिटरिंग और निर्धारित समय-सीमा में कार्यों को पूरा कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 का प्रभावी क्रियान्वयन सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से ही संभव है।
बैठक में उप वन संरक्षक राहुल झांझड़िया, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनय पाठक, यूआईटी सचिव एवं नगर परिषद प्रशासक कैलाश गुर्जर, अतिरिक्त जिला कलक्टर रामचंद्र खटीक, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राकेश पुरोहित, नगर परिषद आयुक्त रविंद्र यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जिले की सभी नगरपालिकाओं के अधिशासी अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।