जुलूस को लेकर चुनाव आयोग के सख्त निर्देश, पुतले लेकर चलने पर रोक
श्रीगंगानगर। श्रीगंगानगर में नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 के मद्देनजर जुलूस निकालने वाले राजनीतिक दलों और अभ्यर्थियों के लिए प्रशासन ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव ने बताया कि जुलूस की योजना पहले से तैयार करना जरूरी है। इसमें जुलूस कहां से शुरू होगा, किस मार्ग से गुजरेगा और कहां समाप्त होगा, इसकी जानकारी स्पष्ट होनी चाहिए।
जुलूस के आयोजकों को कार्यक्रम की सूचना स्थानीय पुलिस को पर्याप्त समय पहले देनी होगी, ताकि सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए आवश्यक इंतजाम किए जा सकें।
प्रतिबंधात्मक आदेशों का करना होगा पालन
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जुलूस निकालने से पहले आयोजकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि संबंधित क्षेत्र में कोई प्रतिबंधात्मक आदेश लागू तो नहीं है। यदि ऐसे आदेश प्रभावी हैं तो सक्षम अधिकारी की ओर से विशेष छूट मिलने तक उनका पालन करना अनिवार्य होगा।
जुलूस को सड़क के एक ही तरफ रखने और पुलिस की ओर से दिए गए निर्देशों व सलाह का पालन करने के लिए भी कहा गया है। आयोजकों को यह ध्यान रखना होगा कि जुलूस के कारण आम यातायात में किसी तरह की रुकावट या परेशानी पैदा न हो।
चौराहों पर जाम से बचने की व्यवस्था
निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार जुलूस को अनावश्यक रूप से लंबा नहीं किया जाना चाहिए। खासकर चौराहों को पार करते समय ऐसी व्यवस्था रखनी होगी कि रुके हुए यातायात को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा सके। इससे जाम की स्थिति बनने से बचाया जा सकेगा और आम लोगों को भी परेशानी नहीं होगी।
यदि एक ही समय के आसपास दो या उससे अधिक राजनीतिक दलों या अभ्यर्थियों की ओर से एक ही मार्ग पर जुलूस निकालने की योजना है, तो आयोजकों को पहले ही आपस में संपर्क कर समन्वय करना होगा। इसका उद्देश्य जुलूसों के बीच टकराव की स्थिति रोकना और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है।
आपत्तिजनक वस्तुओं पर भी रोक
राजनीतिक दलों और अभ्यर्थियों को जुलूस में किसी व्यक्ति को ऐसी वस्तु लेकर चलने की अनुमति नहीं देनी होगी, जिसका तनाव या उत्तेजना की स्थिति में गलत इस्तेमाल किया जा सकता है। प्रशासन ने इस संबंध में विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा दूसरे राजनीतिक दलों के सदस्यों, नेताओं या अन्य अभ्यर्थियों के पुतले जुलूस में लेकर चलने पर रोक रहेगी। सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे पुतलों को जलाने की गतिविधि भी नहीं की जा सकेगी। चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए इन निर्देशों का पालन जरूरी होगा।