नगर निकाय चुनाव : 9 और 11 सितंबर को मतदान वाले क्षेत्रों में रहेगा अवकाश
श्रीगंगानगर। नगर निकाय आम चुनाव 2026 के तहत मतदान वाले क्षेत्रों में 9 और 11 सितंबर को सार्वजनिक एवं सवैतनिक अवकाश रहेगा। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार प्रथम चरण का मतदान 9 सितंबर और द्वितीय चरण का मतदान 11 सितंबर को निर्धारित है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता बिना किसी परेशानी के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव ने बताया कि मतदान दिवस पर संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों के कार्यालयों में परक्राम्य लिखित अधिनियम, 1881 के तहत अवकाश रहेगा। इसके साथ ही संबंधित क्षेत्रों में कार्यरत पात्र कर्मचारियों और कामगारों को भी मतदान के लिए सवैतनिक अवकाश उपलब्ध कराया जाएगा।
पहले चरण में इन निकायों में मतदान
श्रीगंगानगर जिले में पहले चरण के तहत 9 सितंबर को नगरपालिका सूरतगढ़, श्रीविजयनगर, रायसिंहनगर, अनूपगढ़ और घड़साना में मतदान कराया जाएगा।
इन निकाय क्षेत्रों में मतदान दिवस पर संबंधित कार्यालयों और प्रतिष्ठानों में काम करने वाले ऐसे कर्मचारियों को अवकाश मिलेगा, जो चुनाव में मतदान करने के पात्र हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवकाश का उद्देश्य मतदान प्रक्रिया में अधिक से अधिक पात्र मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करना है।
दूसरे चरण में इन क्षेत्रों में वोटिंग
दूसरे चरण में 11 सितंबर को नगर परिषद श्रीगंगानगर के साथ नगरपालिका सादुलशहर, श्रीकरणपुर, केसरीसिंहपुर, पदमपुर और गजसिंहपुर में मतदान होगा।
इन क्षेत्रों में भी मतदान के दिन पात्र कर्मचारियों को नियमानुसार सवैतनिक अवकाश दिया जाएगा। यानी निजी या अन्य प्रतिष्ठानों में काम करने वाले पात्र मतदाताओं को मतदान के लिए छुट्टी लेने पर उस दिन की मजदूरी या वेतन में कटौती नहीं की जा सकेगी।
कामगारों की मजदूरी में नहीं होगी कटौती
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135-ख के प्रावधानों के अनुसार किसी कारोबार, व्यवसाय, औद्योगिक उपक्रम या अन्य प्रतिष्ठान में काम करने वाला ऐसा व्यक्ति, जो संबंधित चुनाव में मतदान का अधिकार रखता है, उसे मतदान दिवस पर सवैतनिक अवकाश दिया जाना है।
प्रशासन के अनुसार अवकाश के कारण किसी कर्मचारी या कामगार के वेतन अथवा मजदूरी में कटौती नहीं की जाएगी। इसमें आकस्मिक कामगार भी शामिल हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले नियोजन के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है और ऐसे मामले में 500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान पर जोर
जिला प्रशासन ने संबंधित संस्थानों और प्रतिष्ठानों से मतदान दिवस पर पात्र कर्मचारियों को सवैतनिक अवकाश देने के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। इसका मकसद यह है कि कामकाजी मतदाता अपने मतदान के अधिकार का स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से इस्तेमाल कर सकें।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी मतदान केंद्र या क्षेत्र में किसी कारण से पुनर्मतदान कराया जाता है, तो उस संबंधित मतदान क्षेत्र में पुनर्मतदान की तारीख को भी सार्वजनिक अवकाश रहेगा।