फतेहगढ़ साहिब डकैती मामला: मुठभेड़ के बाद 2 बदमाश गिरफ्तार, तीन पिस्टल बरामद
फतेहगढ़ साहिब। पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने कहा कि एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने फतेहगढ़ साहिब पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाकर दिनदहाड़े हुई डकैती का पर्दाफाश कर दिया है।
इस संबंध में दो अपराधियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों की पहचान तरनतारन के गाँव जोहल ढाई वाला के गुरप्रीत सिंह और तरनतारन के गाँव बंटारा के हरप्रीत सिंह के रूप में हुई है। दोनों फतेहगढ़ साहिब के भटमाजरा गांव में एक पेट्रोल पंप के कर्मचारी से 40.8 लाख रुपए की लूट में शामिल थे। पुलिस ने दोनों के कब्जे से जिंदा कारतूस के साथ तीन 32 बोर की पिस्टल भी बरामद की हैं।
डीजीपी यादव ने बताया कि एडीजीपी प्रमोद बान की अध्यक्षता में एजीटीएफ की टीम को इनपुट मिला था कि दिनदहाड़े डकैती में शामिल व्यक्ति अपनी कार लेने के लिए मछली खुर्द गांव में आ सकते हैं, जिसका उपयोग अपराध करने के लिए किया गया था।
सूचना के बाद एआईजी संदीप गोयल, डीएसपी बिक्रम बराड़ और डीएसपी राजन परमिंदर के नेतृत्व में एजीटीएफ की एक टीम ने स्थानीय फतेहगढ़ साहिब पुलिस के साथ जाल बिछाया। कार को रुकने का इशारा किया। कार को रोकने के बजाय उसमें बैठे लोगों ने पुलिस पार्टी पर गोलियां चला दीं। इसके बाद पुलिस दलों को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।
डीजीपी ने कहा कि कुछ देर की गोलीबारी के बाद पुलिस टीमों ने दोनों आरोपियों पर काबू पाने में कामयाबी हासिल की है, जिनके पैरों में गोली लगी है। दोनों आरोपियों का स्थानीय अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस बीच, एक ताजा एफआईआर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 307 और 473 और आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत पुलिस स्टेशन खरड़ में दर्ज किया गया है।