फील्ड अधिकारी मार्च माह के निर्धारित राजस्व लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करें : टी. रविकान्त
जयपुर। खान विभाग के प्रमुख सचिव टी. रविकान्त ने फील्ड अधिकारियों को मार्च माह के निर्धारित राजस्व लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति के निर्देश दिए हैं। विभाग द्वारा मार्च माह में 1500 करोड़ रु. से अधिक के राजस्व संग्रहण के लक्ष्य तय किये हैं। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा 10 मार्च तक 9135 करोड़ रु. से अधिक का राजस्व संग्रहण किया गया है जो गत वित्तीय वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 936 करोड़ रुपए अधिक है। प्रमुख सचिव खान टी. रविकान्त गुरुवार को सचिवालय में हाईब्रीड मोड पर विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ले रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी 10 मार्च को आयोजित समीक्षा बैठक में राजस्व अर्जन करने वाले विभागों को लक्ष्यानुसार राजस्व संग्रहण के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा गत तीन माह दिसंबर, जनवरी और फरवरी में बेहतर विकास दर के साथ राजस्व संग्रहण किया है। फरवरी में 1060 करोड़ का रेकार्ड राजस्व संग्रहण किया है। विभाग द्वारा आगामी दिनों में राजस्व संग्रहण का रोडमैप तैयार कर सभी फील्ड अधिकारियों को उपलब्ध करा दिया है। उन्होंने कहा कि राजस्व संग्रहण में किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। रविकान्त ने कहा कि इस तरह की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है जिससे परिवहन विभाग द्वारा खनिज परिवहन करते वाहनों की चैकिंग के साथ ही खान विभाग को अलर्ट प्राप्त हो सकेगा ताकि संबंधित वाहन द्वारा वैध रवन्ना और रवन्ना में अंकित मात्रा में ही खनिज के परिवहन को जांचा जा सकेगा। पहले चरण में परिवहन विभाग से 2 फरवरी, 26 से 6 मार्च, 26 तक के 6092 प्रकरण प्राप्त हुए हैं। सभी प्रकरण संबंधित एमई-एएमई कार्यालयों को वैध रवन्ना व खनिज की मात्रा की जांच कर कार्रवाई हेतु भेज दिए गए हैं। निदेशक खान महावीर प्रसाद मीणा ने निर्धारित रणनीति के तहत राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति का विश्वास दिलाया। हाईब्रिड बैठक में संयुक्त सचिव माइंस अरविन्द सारस्वत, निदेशक माइंस महावीर प्रसाद मीणा, अतिरिक्त निदेशक महेश माथुर, अतिरिक्त निदेशक आईटी शीतल अग्रवाल, वितीय सलाहकार सुरेश चंद्र, ओएसडी कृष्ण शर्मा, अधीक्षण भूवैज्ञानिक एरियल सर्वे सुनील वर्मा व विभाग के अतिरिक्त निदेशक खान एवं भूविज्ञान, अधीक्षण खनि अभियंता, अधीक्षण भूवैज्ञानिक, खनि अभियंता व सहायक खनि अभियंता स्तर के अधिकारियों ने हिस्सा लिया।