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बिहार में बाढ़ का कहर बरकरार, सात नदियां खतरे से ऊपर

बिहार में बाढ़ का कहर बरकरार, सात नदियां खतरे से ऊपर

पटना। बिहार में बाढ़ की स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। हालांकि कुछ नदी घाटों पर पानी कम हुआ है, लेकिन कई स्थानों पर नदियों का जलस्तर लगातार खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। जल संसाधन विभाग की सोमवार सुबह की रिपोर्ट के अनुसार गंडक, कोसी, बागमती, बूढ़ी गंडक, गंगा, पुनपुन और घाघरा नदियां अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

गंगा की स्थिति पर खास नजर बनी हुई है। पटना के दीघा में नदी का जलस्तर 51.78 मीटर और गांधी घाट पर 50.41 मीटर दर्ज किया गया। इन दोनों स्थानों पर पानी में कमी आई है। दूसरी ओर हाथीदह में गंगा का जलस्तर 43.52 मीटर, मुंगेर में 40.06 मीटर, भागलपुर में 34.44 मीटर और कहलगांव में 32.61 मीटर दर्ज हुआ। इन सभी जगहों पर जलस्तर बढ़ने का रुझान है। गांधी घाट पर नदी खतरे के निशान से 1.81 मीटर और हाथीदह में 1.76 मीटर ऊपर बह रही है।

गंडक नदी भी कई जगह खतरे के निशान से ऊपर है। डुमरियाघाट में जलस्तर 62.77 मीटर और हाजीपुर में 50.47 मीटर दर्ज किया गया। यहां नदी खतरे के निशान से क्रमश: 55 सेंटीमीटर और 15 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। हालांकि दोनों स्थानों पर पानी घटने के संकेत मिले हैं।

कोसी नदी की तस्वीर कुछ अलग है। बलतारा में इसका जलस्तर 35.13 मीटर दर्ज किया गया, जहां पानी कम हो रहा है। वहीं कुरसेला में नदी 31.28 मीटर पर बह रही है और यहां जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बागमती नदी बेनीबाद में 48.93 मीटर पर पहुंच गई है, जो खतरे के निशान से 25 सेंटीमीटर ऊपर है। यहां भी पानी बढ़ रहा है।

खगड़िया में बूढ़ी गंडक का जलस्तर 38.50 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 1.92 मीटर अधिक है। यहां नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी का रुझान बना हुआ है। वहीं पुनपुन नदी श्रीपालपुर में 53.47 मीटर पर बह रही है और खतरे के निशान से 2.87 मीटर ऊपर है।

नदियों के जलस्तर के साथ प्रमुख बैराजों से पानी के डिस्चार्ज में भी बदलाव दर्ज किया गया है। बीरपुर बैराज से कोसी में पानी का बहाव 2,16,025 क्यूसेक से घटकर 1,96,645 क्यूसेक रह गया। यानी करीब 19,380 क्यूसेक की कमी आई है। इसके उलट वाल्मीकिनगर बैराज से गंडक में डिस्चार्ज 1,19,000 क्यूसेक से बढ़कर 1,21,500 क्यूसेक हो गया है।

इंद्रपुरी बैराज से सोन नदी में पानी का बहाव भी कम हुआ है। यहां डिस्चार्ज 1,88,257 क्यूसेक से घटकर 1,39,847 क्यूसेक रह गया, यानी करीब 48,410 क्यूसेक की गिरावट दर्ज की गई है।

कुल मिलाकर उत्तर बिहार में गंडक, बागमती और बूढ़ी गंडक के कई हिस्सों में पानी बढ़ रहा है, जबकि कोसी के कुछ इलाकों में जलस्तर कम होने से राहत की उम्मीद बनी है। वहीं मध्य और दक्षिण बिहार में गंगा का व्यवहार अलग-अलग जगहों पर अलग नजर आ रहा है। पटना के कुछ घाटों पर पानी घटा है, जबकि हाथीदह से कहलगांव तक बढ़ते जलस्तर ने चिंता कायम रखी है। ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए प्रशासनिक निगरानी और सतर्कता अभी भी बेहद जरूरी है।

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