सोने-चांदी में उछाल, फेड के फैसले पर टिकी नजर
मुंबई। बुधवार के कारोबार में कीमती धातुओं की चमक बढ़ी। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर 5 अक्टूबर 2026 का सोना वायदा पिछली क्लोजिंग 1,50,809 रुपए प्रति 10 ग्राम की तुलना में 1,291 रुपए यानी 0.85 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,52,100 रुपए पर खुला।
दोपहर करीब 12 बजे सोना 953 रुपए यानी 0.63 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,51,762 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। कारोबार के दौरान सोने ने 1,51,450 रुपए का निचला स्तर और 1,52,100 रुपए प्रति 10 ग्राम का ऊपरी स्तर छुआ। यानी शुरुआती उछाल के बाद सोना अपेक्षाकृत सीमित दायरे में कारोबार करता नजर आया।
दूसरी ओर, चांदी में सोने के मुकाबले ज्यादा तेजी देखने को मिली। एमसीएक्स पर 4 दिसंबर 2026 का चांदी वायदा पिछली क्लोजिंग 2,32,118 रुपए प्रति किलो से 3,667 रुपए यानी 1.57 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,35,785 रुपए प्रति किलो पर खुला।
दोपहर 12 बजे चांदी 3,250 रुपए यानी 1.40 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,35,988 रुपए प्रति किलो पर कारोबार कर रही थी। इस दौरान चांदी ने 2,34,540 रुपए प्रति किलो का निचला स्तर और 2,35,988 रुपए का उच्चतम स्तर छुआ।
घरेलू बाजार के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं को मजबूती मिली। कॉमेक्स पर सोना 0.77 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,366 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। वहीं चांदी में 1.96 प्रतिशत की तेजी रही और इसका भाव 65 डॉलर प्रति औंस दर्ज किया गया।
बाजार की इस तेजी के बीच निवेशकों का ध्यान अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की दो दिवसीय बैठक के नतीजों पर है। ब्याज दरों को लेकर बैठक के फैसले का ऐलान बुधवार देर शाम किया जाना है। फेड के फैसले का असर डॉलर, बॉन्ड यील्ड और वैश्विक स्तर पर सोने-चांदी जैसी कीमती धातुओं की कीमतों पर देखने को मिल सकता है।
फेड का फैसला ऐसे समय में आ रहा है जब मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमत करीब चार महीने के ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। इसके अलावा अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भी 5 प्रतिशत से ऊपर चली गई है। इन परिस्थितियों के चलते बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है और निवेशक केंद्रीय बैंक के अगले कदम को लेकर सतर्क हैं।
फिलहाल घरेलू और वैश्विक दोनों बाजारों में सोने-चांदी की कीमतों में मजबूती दिखाई दे रही है। हालांकि, फेड के फैसले के बाद बाजार की दिशा में बदलाव संभव है, इसलिए निवेशकों की नजर ब्याज दरों के फैसले और उसके बाद होने वाली बाजार प्रतिक्रिया पर बनी हुई है।